सेमरियावां क्षेत्र के कठिनईया नदी ।संवाद
सेमरियावां। गर्मी के दिनों में बिना पानी के सूखी पड़ी कठिनइया नदी के दिन अब जल्द ही बहुरने वाले हैं। सबकुछ ठीक ही ठाक रहा तो जल संचयन के तहत कठिनइया नदी की खुदाई कार्य कर ड्रेन बनेगा। गर्मी में भी अब कठिनइया नदी में पानी भरा मिलेगा। जिससे पशु पक्षियों को भी राहत मिलेगी।
डीसी मनरेगा प्रभात कुमार द्विवेदी ने सेमरियावां कौ बीडीओ, एपीओ, एडीओ पंचायत, ग्राम सचिवों और टीए को गांव वार सर्वे कर माइक्रोप्लान तैयार किए जाने का निर्देश दिया है। सेमरियावां ब्लॉक के बाघनगर, निपनिया, पुरवां, वासिन, भंगुरा, उंचहराकला, सालेहपुर गांव से आगे चमरसन गांव तक लगभग कुल 20 गांव में कठिनइया नदी पड़ती है। इन गांवों में कठिनइया नदी की खुदाई कर ड्रेन बनेगा। इसके लिए गांव वार सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। इससे जल संचयन का कार्य होगा। इसके लिए डीसी मनरेगा ने बीडीओ, एपीओ समेत एडीओ पंचायत से माइक्रोप्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। बीडीओ ने ग्राम सचिवों से फाइल तैयार करने का निर्देश दिया है। डीसी मनरेगा ने बताया कि इससे गांव में जल संचयन होगा और जाबकार्डधारकों को रोजगार भी मिलेगा। इलाके के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अबूबकर चौधरी, मुनीर अहमद, शफीकुर्रहमान, ताजुद्दीन, कलीमुल्लाह अंसारी,भगवती, रमजान आदि ने बताया कि ड्रेन बन जाने से जल संचयन होगा। गर्मी के दिनों में भी नदी में पानी रहेगा। जिससे पशु पक्षियों को राहत होंगी।