संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर को गंदगी से निजात दिलाने के लिए उस्का में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यहां कूड़ा निस्तारण के साथ ही बिजली उत्पादन संयत्र लगाया जाना है, लेकिन यह योजना अब तक फाइलों में ही सिमट कर रह गई है। योजना अमल में आती तो शहरवासियों को काफी राहत मिलती।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में कुल 25 वार्ड है। इन वार्डों से प्रतिदिन 40 टन कूड़ा निकलता है। इसे वाहनों से हरिहरपुर के कठिनाइयां नदी के किनारे जोगा राजा मार्ग के किनारे गिराया जाता है। साथ ही शहर के औद्योगिक क्षेत्र में खाली पड़े स्थान और हाईवे के किनारे भी कूड़ा फेंका जा रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समस्या के समाधान के लिए करीब पांच माह पूर्व नगर पालिका प्रशासन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की पहल की। इसके तहत शहर के उस्का वार्ड में नगर पालिका ने जमीन चिन्हित किया। साथ ही अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के लिए 75 लाख रुपये की मशीन खरीदने की बात कही। यह मशीन कूड़े से निकलने वाले प्लास्टिक से बिजली उत्पादन करेगी। पालिका प्रशासन ने इसके लिए शासन की मंजूरी भी ले ली है, लेकिन अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण शहर के औद्योगिक क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर जगह- जगह गंदगी फैली हुई है।
योजना अमल में आती तो बढ़ती पालिका की आय
खलीलाबाद में कूड़े से निकलने वाले प्लास्टिक से तैयार बिजली विद्युत निगम को बेचा जाना है। इससे नगर पालिका की आय में बढ़ोतरी होती। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र व बिजली उत्पादन होने से लोगों को रोजगार भी मिलता, लेकिन सबकुछ फाइलों में ही है। शहर के निवासी शैलेंद्र कुमार, रामदीन आदि का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधक केंद्र बनने से शहर स्वच्छ होता और बिजली की किल्लत भी दूर होने की उम्मीद थी। इस पर पालिका प्रशासन को जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए।
खलीलाबाद के उस्का में ठोस अपशिष्ट प्रबंधक केंद्र बनाए जाने की योजना है। इसके लिए शासन स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं। उस्का में पालिका की जमीन उपलब्ध है। प्लास्टिक कूड़े से बिजली उत्पादन पर कुल दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
जगत जायसवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद