धनघटा। नाथनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरौली में गांव के बीच से होकर गुजरने वाला मार्ग प्रशासन की उपेक्षा के कारण बदहाल था। परेशान ग्रामीणों ने स्वयं के खर्च से ट्राली ट्रैक्टर से मार्ग पर मिट्टी गिराई तथा श्रमदान कर मार्ग पर गिरी मिट्टी को बराबर किया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने बीडीओ नाथनगर को प्रार्थना पत्र देकर इस निर्माण को श्रमदान घोषित करने की मांग की है।
बता दें कि ग्राम पंचायत बरौली में बरसात के दिनों में एक टोले से दूसरे टोल पर जाने के लिए पूरे दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता था। जबकि गांव के मध्य रास्ता होने के बावजूद उस पर पानी भरा रहता था। जिससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसमें रामशरन चतुर्वेदी के घर से सुग्रीव विश्वकर्मा के घर तक लगभग 500 मीटर तक चकरोड था। लेकिन, विवाद से बचने के लिए इस पर कोई भी काम करने के लिए आगे नहीं आता था। इसे देखते हुए गांव के कुछ लोग जिनका इस रास्ते में खेत था। जिनमें राम चतुर्वेदी, शिवकुमार चतुर्वेदी, शिवम चतुर्वेदी ने अपने चक से जमीन देकर लगभग 10 फीट का चौड़ा रास्ता जिसकी दूरी लगभग 500 मीटर से ज्यादा बताई जा रही है। अपने पास से धन खर्च करके सड़क का निर्माण कर डाला।
इस सड़क के बन जाने से लगभग 200 घरों के लोगों के लिए बरसात के दिनों में दो किलोमीटर की दूरी घटकर 500 मीटर रह जाएगी। इसके लिए ग्रामीण श्रीचंद, राम आशीष, सोमनाथ, हरिलाल, गौरव प्रताप चतुर्वेदी, सूर्य नारायण चतुर्वेदी,आदि की सराहना कर रहे हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी रूप नारायण भारती ने बताया कि बरौली गांव के कुछ ग्रामीण आए थे। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि गांव की एक सड़क श्रमदान से बनवाया है। उसे श्रमदान घोषित किया जाए। तकनीकी टीम भेजकर जांच कराकर जो सही होगा वह किया जाएगा।