धनघटा। क्षेत्र के बसवारी गांव हिस्सा समोगर के पास लंबे समय से किए जा रहे मिट्टी खनन से वन संपदा समेत गांव को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। इससे नाराज ग्रामीणों ने रविवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए उसे रोकवाने की मांग डीएम से की है।
ग्रामीण राम चेत, भानमती, प्रिया, सावित्री, जगरनाथ, राम केवल, कोमल आदि का कहना है कि उनके गांव के पास कुआनो नदी के तट से लेकर गांव तक करीब 200 बीघा जमीन में वन विभाग ने पौधरोपण करके कीमती पेड़ लगाया है। उस पेड़ के अगल-बगल से मिट्टी का खनन लंबे समय से किया जा रहा है। इसके कारण पेड़ की जड़ कमजोर हो चुकी है और पेड़ गिरने लगे हैं। इतना ही नहीं अवैध रूप से किए जा रहे खनन के कारण कुआनो नदी का पानी गांव की तरफ बढ़ता जा रहा है। गांव वालों का कहना है कि अवैध खनन का विरोध कई बार किया गया। तहसील के अधिकारी मौके पर आए भी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। खनन लगातार जारी है।
इस संबंध में तहसीलदार योगेंद्र पांडेय ने कहा कि सरौना खास व समोगर सरकारी परियोजना के लिए जिलाधिकारी की अनुमति पर मिट्टी खनन कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में कुछ लोग जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भी दिए हैं। जिलाधिकारी के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।