-पोखरे की खोदाई कराए बिना ही भुगतान लेने की तैयारी चल रही
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। नाथनगर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत कडसर के ग्रामीणों ने मनरेगा में अनियमितता का आरोप लगाकर सोमवार को गांव के झझवा पोखरे पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि ब्लाॅक के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से झझवा पोखरे की खोदाई कराए बिना ही भुगतान लेने की तैयारी चल रही है। इसकी जांच की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे कडसर गांव निवासी विनोद गुप्ता, महेंद्र कुमार, रंजीत, आदित्य कुमार, भोला राज, विनय कुमार, चंद्रावती देवी, केशरी देवी, सुभावती देवी का कहना है कि जिस समय खेतों में गेहूं की फसलें लहलहा रही थी। उस समय मनरेगा के तहत मेड़बंदी का कार्य कराया गया है। वर्तमान समय में अमृत सरोवर के नाम पर जमकर खेल हो रहा है। कहीं जेसीबी का प्रयोग किया जा रहा है। तो कहीं बिना कार्य कराए ही मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही।
कडसर ग्राम पंचायत के झझवा पोखरे को अमृत सरोवर बनाया जा रहा है। कागज में इस पोखरे की खोदाई कार्य छह मई को मास्टर रोल जारी हुआ है। ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिदिन 190 मजदूरों की हाजिरी लगा रही है। ग्रामीणों ने झझवा पोखरे को दिखाते हुए कहा कि पोखरे की खोदाई शुरू ही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
एपीओ मेराजुल हक ने बताया कि कडसर स्थित झझवा पोखरे की खोदाई के लिए छह मई से 21 मई तक का मास्टर रोल जारी हुआ है। ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिदिन 190 मजदूरों की मांग दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 15,32,000 है।
इस संबंध बीडीओ विवेकानंद मिश्र ने कहा कि मामले जानकारी हो गई है। जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।