धनघटा। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण और कुआनो नदी पर बने जर्जर बसवारी-सिकरीगंज पुल की मरम्मत के लिए आवागमन ठप किए जाने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। पुल का रास्ता पूरी तरह बंद किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया। आक्रोश को देखते हुए इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर पुल का रास्ता खुलवाया।
बसवारी गांव से सिकरीगंज की दूरी महज एक किलोमीटर है। पुल बंद होने के कारण लोगों को घूमकर करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। दो महीनों से धीरे-धीरे वाहनों का प्रवेश वर्जित किया जा रहा था। नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पुल बंद होने से एंबुलेंस और निजी वाहन समय से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि पहले वैकल्पिक रास्ता बनाएं, फिर पुल की मरम्मत करें। यह पुल गोरखपुर और संतकबीरनगर जनपद को जोड़ता है। मौके पर पहुंचे सेतु निगम के इंजीनियर ने ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए फिलहाल पुल का रास्ता खुलवा दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था की जाएगी।