- लचर व्यवस्था के कारण घाट पर नहीं बन पा रहा पुल
- इटवा तहसील क्षेत्र के पश्चिम- उत्तर स्थित ग्राम पंचायत छगड़िहवा के पास पुल बनाने की लगातार उठ रही मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिस्कोहर। इटवा तहसील क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर स्थित ग्राम पंचायत छगडि़हवा में करीब 200 मीटर लंबी बूढ़ी राप्ती नदी पार करने के लिए कोई पुल नहीं है। नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीण जर्जर व टूटी नाव से रोज अपनी जान दांव पर लगाकर नदी पार करते हैं।
इटवा तहसील के पश्चिम से उत्तर छोर पर स्थित बूढ़ी राप्ती नदी छगडि़हवा गांव के घाट पर पक्का पुल न होने के कारण कई दशकों से लोग जान जोखिम में डालकर टूटी व जर्जर हो चुके निजी नाव से नदी पार करते हैं। नाव में रिस्क और बढ़ जाता है। क्योंकि इसमें ही बाइक, साइकिल भी रखकर उस पार ले जाई जाती है। ग्रामीणों द्वारा पक्के पुल की मांग के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
छगडि़हवा गांव के उत्तर करीब 200 मीटर लंबी बूढ़ी राप्ती नदी पार करने के लिए कोई पुल नहीं है। इससे नदी के इस पार के करीब 30 गांवों से अधिक ग्रामीण व ऐसा ही उस पार 35 से अधिक गांव के लोग रोजाना जान हथेली पर रखकर टूटी व जर्जर नाव पर सवार होते हैं। नाव पर बाइक, साइकिल भी रखी जाती हैं। इलाज कराने जैसे अन्य महत्वपूर्ण काम के लिए नदी के उस पार से इस पार छगडि़हवा ए बुड्ढी व दोपेडौवा होकर इटवा आने के लिए नदी पार करना पड़ता है। ऐसा ही इस पार के लगभग 30 गांव के लोगों को उस पर बेलभरिया, छोटका बसंतपुर के साथ पड़ोसी जनपद बलरामपुर के मोथहवा नौबस्ता, बेमिहा, लौकहवाए आदमताराए मध्यनगरए गनेशपुर व पचपेड़वा जाने के लिए नदी पार करना पड़ता है। लेकिन पुल की सुविधा नहीं होने से मजबूरी में उन्हें जान जोखिम में डालकर टूटी व जर्जर हो चुके नाव के सहारे आना जाना पड़ता है। यदि लोगों को जल्द पुल की सुविधा मिल जाए तो बुड्ढी, मुडि़लिया, खरिकवा, केरवानिया, हरिबंधपुर व छगडि़हवा आदि गांव के लोगों को बेलभारिया, छोटका बसंतपुर होकर पड़ोसी जनपद बलरामपुर के गनेशपुर पचपेड़वा जाना आसान हो जाएगा। लोगों को पचपेड़वा रेलवे स्टेशन के लिए कम समय की दूरी तय करना पड़ेगा। इससे इनका व्यापार भी बढ़ेगा। बेलभरिया गांव निवासी सूर्यकांत मौर्य, रीता, वासुदेव, निजामुद्दीन, सुबास, सत्य प्रकाश, मीरा, संगीता, महिमा, उदयराज, किरन, राजाराम, फेरई आदि ने बताया कि हम लोगों सबसे ज्यादा दिक्कत नदी में बाढ़ आने से होती है। इससे हम लोगों के गांव का संपर्क अन्य स्थानों से कट जाता है। इसलिए घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए हम लोग कई वर्षों से सांसद जगदंबिका पाल से मांग करते चले आ रहे है। बताया कि काफी समय से मांग को देखते हुए बीते 30 जनवरी को सांसद जगदंबिका पाल ने घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए एक पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास भेजा था। लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।