धनघटा। नाथनगर ब्लाॅक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गालिमपुर को दूसरे विद्यालय में विलय करने की सूचना पर बृहस्पतिवार को ग्रामीण भड़क गए और विद्यालय पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। जानकारी मिलने पर बीईओ अरूण प्रताप सिंह भी पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय विलय से बच्चों और अभिभावकों की समस्याएं बढ़ जाएंगी।
बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय गालिमपुर को दूसरे विद्यालय में विलय करने की भनक लगते ही गांव के लालचन्द्र यादव के नेतृत्व में ग्रामीण अकील अहमद, राम भवन, अखलाक हुसैन, राम दरस, संजय कुमार, सर्वेश यादव, अजय यादव, बैतुल्लाह, राम गुलाम, ब्रह्मानंद, बेचन यादव, बीरबल यादव, गोरख यादव, संदीप शर्मा, राजेन्द्र, पूनम, शर्मिला, कंचन, किस्मती, इंद्रावती, जरीना, नीरज, केशरी देवी आदि विद्यालय पहुंचे। शिक्षक की सूचना पर बीईओ अरुण प्रताप सिंह करीब दो घंटे बाद विद्यालय पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना था कि किसी अन्य विद्यालय में विलय होने से समस्या बढ़ेगी। बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी जो उनकी सुरक्षा के लिए खतरा रहेगा। शिक्षा व्यवस्था से गांव महरूम हो जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार बीईओ ने उनकी बातों को नजर करते हुए नियम कायदे थोपने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक नए पंजीकरण नहीं कर रहे हैं। अगर वे मनोयोग से काम करें तोे जुलाई के अंत तक मानक के अनुरूप छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी।
इस संबंध में बीईओ अरूण कुमार ने बताया कि विद्यालय विलय शासन की ओर से हो रहा है। यह बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए किया जा रहा है।