संतकबीरनगर। रबी विपणन वर्ष 2023-24 में मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत किसानों से गेहूं क्रय किया जा रहा है। सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो रही है। इसका कारण बिचौलियों की सक्रियता है। ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं विक्रय के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किए जाने के लिए ग्राम प्रधानों को भी सम्मिलित किया जाए।
यह कहना है एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव का। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से अपील की कि प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर गेहूं खरीद में सक्रिय सहयोग देते हुए अधिक से अधिक गेहूं खरीद सुनिश्चित कराएं। जिन ग्राम सभा के प्रधानों से यह सूचना प्राप्त होती है कि ग्राम सभा में कृषकों के पास 100 कुंतल गेहूं विक्रय के लिए उपलब्ध है, तो उसकी खरीद संबंधित केंद्र प्रभारी/जिला खाद्य विपणन अधिकारी द्वारा ग्राम सभा में जाकर प्रक्रिया का पालन कराते हुए तत्काल खरीद कराया जाएगा। जिस ग्राम प्रधान द्वारा सर्वाधिक गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर विक्रय कराया जाएगा, उनको विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि कोई ग्राम पंचायत गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के अधीन एजेंसी बनने के लिए इच्छुक है तो प्रार्थना-पत्र प्राप्त कर क्रय एजेंसी नामित किए जाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उक्त ग्राम पंचायत के सचिव को दो दिवस में प्रशिक्षित किए जाने की कार्रवाई जिला खाद्य विपणन अधिकारी रूपेश सिंह के जरिए पूर्ण कराई जाएगी। ग्राम पंचायत को एजेंसी नामित किए जाने पर उनके द्वारा की गई खरीद को भारतीय खाद्य निगम को प्राप्त कराया जाएगा। ग्राम पंचायत सरकारी गेहूं खरीद किए जाने पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित धनराशि 27 रुपये प्रति कुंतल कमीशन देय होगा।