- शासन से बजट जारी, कार्यदायी संस्था नामित
- छात्राओं को अन्य जिलोें में शिक्षण के लिए नहीं जाना पड़ेगा
- नगर पालिका बरदहिया मार्ग को सीसी रोड बनाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में राजकीय महिला विद्यालय में साढ़े चार करोड़ से विज्ञान भवन बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है और कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी है। इसके बनन से छात्राओं को जिले में ही कम बजट में बीएससी करने का लाभ मिलेगा। वहीं नगर पालिका बरदहिया मार्ग को सीसी रोड बनाने जा रही है, जिसके लिए 40 लाख रुपये जारी किया गया है। इससे नगर वासियों को बार-बार टूट रही सड़क से छुटकारा मिलेगा।
गौरतलब है कि राजकीय महिला महाविद्यालय में अभी तक कला संकाय की पढ़ाई होती है। इसके लिए प्राचार्य ने शासन को प्रस्ताव भेजा था कि महाविद्यालय परिसर में अगर विज्ञान संकाय की मान्यता मिल जाए तो छात्राओं की संख्या बढ़ सकती है। जिसके बाद प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान के तहत साढ़े चार करोड़ रुपये बजट जारी कर दिया गया है।
इसके तहत दो मंजिला विज्ञान भवन बनाया जाएगा। विज्ञान भवन बन जाने से छात्राओं को अन्य जनपदों में शिक्षण के लिए नहीं जाना पड़ेगा और कम फीस में विज्ञान की पढ़ाई जिले में ही कर सकेंगी। प्राचार्य डॉ. डीपी शाही ने बताया कि भवन निर्माण के लिए जल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया है। उम्मीद है कि जल्द ही भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
संजय टाॅकिज से बरदहिया तक बनेगी सीसी रोड
समय जी स्थान से बरदहिया जाने वाला मार्ग खस्ताहाल था। तीन माह पहले नगर पालिका ने मार्ग तोड़कर बीच में सीवर की पाइपलाइन बिछा दी, जिसके बाद मार्ग और खराब हो गया। काफी हो हल्ला के बाद मार्ग की मरम्मत हुई। लेकिन संजय टॉकिज से बरदहिया तक मार्ग नहीं बनाया गया, जिससे यहां रहने वाले लोग दुर्दशा झेल रहे थे। नगर पालिका ने इस मार्ग के नए सिरे से निर्माण के लिए 40 लाख रुपये जारी किया है। इससे सीसी सड़क बनाई जाएगी। चेयरमैन जगत जायसवाल ने बताया कि 40 लाख रुपये का टेंडर हुआ है। सीसी सड़क बनाई जाएगी। जिससे बार-बार सड़क टूटने की समस्या से निजात मिलेगी।
1999 में बना था महाविद्यालय
जिले में छात्राओं को उच्च शिक्षा देने के लिए शहर के मैलानी में वर्ष 1999 में राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना की गई। इस महाविद्यालय में शुरुआती दौर में कला संकाय की मान्यता मिली। उसके बाद से छात्राओं का नामांकन शुरू हुआ। विज्ञान संकाय की मान्यता के लिए कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा आयोग को पत्र भेजा था। जिसके बाद मंत्रालय ने स्वीकृत दिया।