पूर्व बीएसए के मामले की जांच करने पहुंची विजिलेंस टीम
संतकबीरनगर। करीब दो साल पहले घूसखोरी में रंगे हाथ पकडे़ गए पूर्व बीएसए गजराज सिंह के मामले में जांच करने शुक्रवार की शाम बिजिलेंस की टीम बीएसए कार्यालय पहुंची तो हड़कंप मच गया। टीम ने बीएसए से गोपनीय वार्ता की और जरूरी अभिलेख लेकर रवाना हो गई। टीम के आने को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही थी।
वर्ष-2017 में एक शिक्षक को बहाल करने के एवज में 10 हजार रुपये घूस लेते तत्कालीन बीएसए गजराज सिंह को बिजिलेंस की टीम ने उनके आवास से रंगे हाथ पकड़ा था। पकड़े जाने के बाद बीएसए के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया था। करीब तीन माह तक जेल में रहने के बाद वे जमानत पर छूटे। वैसे मामला गोरखपुर के कोर्ट में विचाराधीन है। आरोपी बीएसए वर्तमान में लखनऊ निदेशालय में संबंद्घ हैं। बिजिलेंस की टीम के आने की सूचना पर बीएसए कार्यालय पर हड़कंप मचा रहा है। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर की बिजिलेंस टीम आई थी। पूर्व में तैनात रहे बीएसए गजराज सिंह के कार्यकाल के बारे में कुछ जानकारी मांगी। उसे टीम को उपलब्ध करा दी गई है।