संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर सभी तहसीलदार एवं उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया है कि तहसील स्तर एवं कृषि विभाग के स्तर से अभिलेखों के सत्यापन के लिए किसानों को कार्यालय में न बुलाया जाए। ऑनलाइन अभिलेखों का मिलान करते हुए उसकी पात्रता की जांच की जाए।
डीएम की समीक्षा में यह पाया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत नए आवेदन, कॉमन सर्विस सेंटर से किसानों द्वारा ऑनलाइन किए जा रहे हैं। उसके सत्यापन के लिए किसानों को तहसील एवं कृषि विभाग में अभिलेख जमा करने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि किसान अभिलेख को ऑनलाइन आवेदन करते समय ही अपलोड करते हैं।
डीएम ने किसान हित में सभी तहसीलदार एवं उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि लाभार्थीपरक योजनाओं में किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन के पश्चात अभिलेखों अथवा पात्रता के सत्यापन के लिए किसानों को तहसील या विभागीय कार्यालय में न बुलाकर क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से गांव में जाकर ही उसका सत्यापन करें तथा किसान से घोषणा पत्र प्राप्त करते हुए उसके आवेदन का निस्तारण किया जाए।