अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
पूर्व जांच अधिकारियों से मांगा गया जवाब
अपूर्ण अभिलेख से ग्राम पंचायत अधिकारी के पक्ष में जांच करने का लगा आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जांच के लिए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने पर बर्री गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी को डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने शनिवार को निलंबित कर दिया। जबकि प्रधान को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। इसके साथ ही डीएम के निर्देश पर जांच अधिकारी डीडीओ ने पूर्व जांच अधिकारियों से अपूर्ण अभिलेख के सहारे जांच ग्राम पंचायत अधिकारी के पक्ष में करने के आरोप में नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
विकास खंड खलीलाबाद के बर्री गांव में हुई अनियमितता की शिकायत की जांच पूर्व में डीएम के निर्देश पर एआर कोऑपरेटिव मंगल सिंह और प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनोज कुुमार ने की थी। शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाया और ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया था। बाद में डीएम दिव्या मित्तल ने प्रकरण की जांच डीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर सौंप दी। जांच अधिकारी डीडीओ आरआर मिश्र ने बताया कि 18 नवंबर को जांच के लिए टीम के साथ बर्री गांव पहुंचे, लेकिन अभिलेख के अभाव में जांच नहीं हो पाई। शिकायतकर्ता ने 35 कार्यों पर बिना कार्य कराए फर्जी भुगतान एवं मरम्मत कार्य करा कर पूरे कार्य का भुगतान लिए जाने, शौचालय एवं प्रधानमंत्री आवास आवंटन में अनियमितता की शिकायत की है। इसकी जांच अभिलेख के बगैर किया जाना संभव नहीं है। ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जाना, अभिलेख अपूर्ण होने के बावजूद शिकायती बिंदु से संबंधित कार्यों पर मनमाने ढंग से भुगतान किया जाना, जांच में बांधा पहुंचाना, एक माह से अधिक समय पूर्व स्थानांतरण हो जाने के बावजूद भी अब तक ग्राम पंचायत के समस्त अभिलेख को अनाधिकृत रूप से अपने पास रखते हुए प्रभार हस्तगत न करना, तत्कालीन जांच अधिकारी मंगल सिंह से मिलीभगत करके अपूर्ण अभिलेख से निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु अपने पक्ष में जांच करवाया जाना एवं उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना किया जाना दर्शाता है। डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी आनंद मोहन को निलंबित करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए। इसके साथ ही ग्राम प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी करने को कहा है। इसी के साथ ही पूर्व जांच अधिकारी मंगल सिंह और मनोज कुमार को नोटिस जारी किया गया है। उक्त ग्राम पंचायत की जांच मिलीभगत करके अपूर्ण अभिलेखों से करके ग्राम पंचायत अधिकारी के पक्ष कर दिए जाने का आरोप है। दोनों जांच अधिकारियों से डीएम ने जवाब मांगा है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी आनंद मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि प्रधान को नोटिस जारी करके एक पक्ष के भीतर जवाब मांगा गया है।