संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। वंदे भारत ट्रेन जब खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो लोगों को उम्मीद थी कि ट्रेन की बोगी का दरवाजा खुलेगा और अंदर से उसका नजारा देख सकेंगे। ट्रेन आई लेकिन उसकी सभी बोगियों का दरवाजा बंद था। अंदर सिर्फ यात्री और राजनेता बैठे थे। लोगों ने हाथ उठाकर यात्रियों का अभिवादन किया। ट्रेन देखने आए दिलीप अग्रहरि, शांतनु श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, रामाआज्ञा ने बताया कि उम्मीद थी कि ट्रेन के अंदर जाकर उसको देखेंगे, पर ट्रेन का दरवाजा बंद था। ट्रेन रुकी भी तो सिर्फ दो मिनट तक ही रुकी।
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खलीलाबाद में ट्रेन रोकने की करेंगे पहल
संतकबीरनगर। एमएलसी सुभाष यदुवंश ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन को खलीलाबाद में रुकवाने का प्रयास करेंगे। इसके लिए जल्द ही रेल मंत्री से मिलेंगे। खलीलाबाद में तामेश्वरनाथ धाम, कबीर चौरा समेत अन्य दार्शनिक स्थल है। ऐसे में इस ट्रेन को खलीलाबाद में स्टापेज होना चाहिए। इससे पूर्व भी वैशाली और गोरखधाम का ठहराव खलीलाबाद में हुआ है। इसके लिए रेल मंत्री को ज्ञापन देकर ट्रेन के ठहराव की मांग की जाएगी।
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स्काउट गाइड से संभाली थी कमान
संतकबीरनगर। खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन के आगमन से लेकर प्रस्थान तक स्काउट गाइड ने कमान संभाली थी। लोगों को कार्यक्रम स्थल तक ले जाना और कुर्सियों पर बिठाने का कार्य स्काउट गाइड के स्वयं सेवकों ने किया। इसके साथ ही विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी।