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Sant Kabir Nagar News: थानों की रिपोर्ट बदलकर पासपोर्ट के आवेदन की करते थे संस्तुति

Thu, 09 Mar 2023 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- 101 आवेदनों में छह ऐसे आवेदकों के पासपोर्ट किए थे सत्यापित जिनके नाम दर्ज हैं मुकदमे
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96 आवेदनों में गलत नाम पता दर्शाने वाले और बाहरी व्यक्तियों के पासपोर्ट का हुआ सत्यापन
- एसपी ने सभी पासपोर्ट को निरस्त करने के लिए पासपोर्ट मुख्यालय लखनऊ को भेजी रिपोर्ट
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। पुलिस कार्यालय के पासपोर्ट सेल में तैनात आरोपी दरोगा और एलआईयू के मुख्य आरक्षी ने मिलीभगत करके पासपोर्ट सत्यापन में बड़ा खेल किया। रुपये कमाने के लालच में जनपद स्तर की आईडी पासवर्ड से ऐसे 101 आवेदकों के पासपोर्ट को सत्यापित किया, जिनकी रिपोर्ट थानों से संस्तुति नहीं की गई थी। इसमें छह ऐसे आवेदक हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक रिपोर्ट भी थानों में दर्ज है और उनका पासपोर्ट बनाने की संस्तुति रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई। एसपी की ओर से इन सभी 101 पासपोर्ट को निरस्त किए जाने के लिए पासपोर्ट मुख्यालय लखनऊ को रिपोर्ट भेजी गई है।
पासपोर्ट सत्यापन में अनियमितता बरते जाने की मिल रही शिकायतों पर एसपी ने सीओ सदर अंशुमान मिश्रा से प्रकरण की जांच कराई। जिसमें पाया गया कि वर्ष 2021-22 में कुल 101 पासपोर्ट ऐसे है, जिनमें विभिन्न थानों के जरिए पार्ट ए की रिपोर्ट नाॅट क्लियर की गई थी। एलआईयू के मुख्य आरक्षी मनोज कुमार पटेल अगस्त 2015 से पासपोर्ट के कार्यों को देखते व करते थे। इनके जरिए दिसंबर 2021 तक थानों की ओर से प्रेषित रिपोर्ट को स्वयं परिवर्तित की जाती रही। जनवरी 2022 से मुख्य आरक्षी मनोज कुमार पटेल की नियुक्ति एलआईयू शाखा की मेंहदावल बीट में कर दी गई थी। बावजूद इसके पासपोर्ट सेल में नियुक्त कर्मियों को सिखाने के नाम पर मुख्य आरक्षी मनोज कुमार पटेल का आना-जाना लगा रहता था। इन्हें जनपदीय आईडी के पासवर्ड की जानकारी थी। उसी आधार पर थानों की ओर से प्रेषित पासपोर्ट की पार्ट ए की रिपोर्ट जो नाॅट क्लियर थी, उसे गलत तरीके से परिवर्तित करते हुए इनके जरिए क्लियर कर दिया जाता था। 12 अप्रैल 2022 में पासपोर्ट सेल में एसआई कामेश्वर मिश्र की नियुक्ति हुई। संवाद
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इसी बीच पोसपोर्ट सेल में आने -जाने से एलआईयू के मुख्य आरक्षी मनोज पटेल से पासपोर्ट सेल के एसआई कामेश्वर मिश्रा से अच्छे संबंध हो गए। आरोपी कामेश्वर मिश्र के जरिए परिवर्तित किए गए जनपदीय आईडी के पासवर्ड की जानकारी मुख्य आरक्षी मनोज कुमार पटेल को बताई जाती थी। इन लोगों ने मिलीभगत करके विधियानी निवासी बाहरी व्यक्ति वीरेंद्र यादव को सहयोग में रखा गया। बाहरी वीरेंद्र यादव के जरिए प्रति पासपोर्ट 3,000 रुपये दिया जाता था। उसी रुपये में से फिर लोग आपस में बांटते थे।
इंसेट
थाने में दर्ज थे मुकदमे, गलत ढंग से पासपोर्ट कर दिया सत्यापित
जांच में 101 पासपोर्ट जिनके सत्यापन में हेराफेरी की गई, उसमें 96 ऐसे लोगों का पासपोर्ट सत्यापित किया गया, जो लोग दर्शाए गए पते पर रहते ही नहीं है। इसमें कई ऐसे लोगों का पासपोर्ट सत्यापित किया गया, जो दूसरे जिलों के निवासी हैं। इसमें कई लोगों का नाम व पता भी गलत दर्शाया गया है। इसमें दुधारा क्षेत्र के रहने वाले इरफान अहमद, मोहम्मद अहमद, अब्दुल सलाम, धनघटा क्षेत्र के रहने वाले वाल्मीकी, संदीप कुमार और महुली क्षेत्र के रहने वाले रामकिशुन नाम के लोगों का पासपोर्ट सत्यापित किया गया, जिनके नाम से थानों में आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं।
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101 पासपोर्ट के सत्यापन में प्रारंभिक जांच में अनियमितता सामने आई है। इसमें आरोपी पासपोर्ट सेल के दरोगा कामेश्वर मिश्रा और एलआईयू के मुख्य आरक्षी मनोज पटेल मिलीभगत करके थानों से जो रिपोर्ट संस्तुत करके नहीं भेजी जाती थी, उसे भी जनपदीय आईडी पासवर्ड के जरिए संस्तुति करके भेज देते थे। इसमें छह ऐसे लोगों के पासपोर्ट का सत्यापन कर दिए, जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। शेष ऐसे लोगों को जो दर्शाए गए पते पर निवास नहीं करते हैं, उनके पासपोर्ट का भी सत्यापन कर दिया गया। इन सभी पासपोर्ट को निरस्त किए जाने के लिए पासपोर्ट मुख्यालय लखनऊ को रिपोर्ट भेजी गई है। फरार चल रहे आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें प्रयास कर रही हैं। जल्द ही आरोपी दरोगा को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा।
- सत्य जीत गुप्ता, एसपी
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