सेमरियावां। ब्लाॅक क्षेत्र में यूरिया व डीएपी खाद निर्धारित रेट से अधिक पर बेची जा रही है। कालाबाजारी के चलते किसानों की जेब पर खासा असर पड़ रहा है। सेमरियावां ब्लाॅक में 10 साधन सहकारी समिति संचालित हैं। इनमें सिसवादाखिली, परसाशेख, गंगैचा, सेमरियावां, बिगरामीर, सालेहपुर, बाघनगर, उमिला, पैली खास, बूधाकला हैं।
किसानों की मानें तो सरकारी केंद्र व समितियों पर जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल पा रही है। निजी दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक पर खरीदनी पड़ रही है। क्षेत्र में सेमरियावां, उसराशहीद, बाघनगर दानोकुइयां, नव्वागांव, चिउटना, सालेहपुर दुधारा, टेमारहमत, कोहरियावां आदि गांवों के चौराहों पर निजी खाद की दुकान संचालित हैं।
प्राइवेट दुकानों पर एक बोरी यूरिया 350-400 रुपये में मिल रही है। वहीं डीएपी के रेट 1800 रुपये से अधिक हैं। सरकारी केंद्रों पर यूरिया 267 रुपये और डीएपी प्रति बोरी 1350 रुपये निर्धारित की गई है। खाद के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग नहीं की जा रही है।
क्षेत्र के किसान इरशाद अहमद, इक़्तेदार अहमद, राम कुमार, जावेद अहमद, परवेज अख्तर आदि ने बताया कि धान की फसल के लिए खाद जरूरी है। दुकानदारों की मनमानी थम नहीं रही है। सरकारी केंद्रों पर खाद खपत के हिसाब से नही मिल पा रही है।
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अन्य उत्पादों के टैगिंग को लेकर हो चुका आदेश
पिछले वर्ष जुलाई में डीलरों की ओर से लगातार खाद के साथ टैगिंग की जा रही थी। इसको लेकर खुदरा दुकानदार बेहद चिंतित रहे हैं। अब दुकानदार किसानों को खाद के साथ अन्य उत्पाद जोड़कर बेंच रहे हैं। इसको लेकर किसानों की समस्या पर कोई सुनवाई नहीं है। उधर खाद के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग को लेकर हुए आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है। किसानों की मांग है दुकानदारों की कालाबाजारी की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
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जिले में खाद की कमी नहीं है। लोग जरूरत के अनुसार ही खाद लें। निजी दुकानों की जांच की जारी है। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सर्वेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी