संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के देर शाम मौत हो गई। इस दौरान परिजनों ने मौके पर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची कोतवाली खलीलाबाद की पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। बाद में मृतक के पिता प्रकाश ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार बखिरा थानाक्षेत्र के कुस्महा गांव का निवासी धर्मेन्द्र निषाद (22) पुत्र प्रकाश निषाद बीमार था। धर्मेन्द्र की मां जुगानी देवी ने बताया कि उसका इलाज दिल्ली में चल रहा था। ठीक होने के बाद उसको घर लाए थे। इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी। परिजन उसे बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के चुरेब में स्थित एक हाॅस्पिटल में ले गए। वहां उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार की शाम 4 बजे के करीब उसकी तबीयत बिगड़ी तो चिकित्सकों ने वहां से गोरखपुर में न्यूरो सर्जन को दिखाने के लिए रेफर कर दिया।
परिजनों में से ही किसी ने खलीलाबाद में स्थित निजी हाॅस्पिटल में बात की, वहां पर एक न्यूरो सर्जन थे। इसके बाद शाम 4.30 बजे के करीब वह उसे खलीलाबाद के निजी हाॅस्पिटल में लाए। वहां चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर दिया। इस दौरान दवा इलाज के बीच ही धर्मेन्द्र निषाद ने शाम 6:30 बजे के करीब दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर शव अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा करने लगे।
सूचना पर पहुंची कोतवाली खलीलाबाद थाने की पुलिस व सीओ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद बखिरा और महिला थाने की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने उसे कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजवाया। तब जाकर मामला शांत हुआ।