गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय साजिश के तहत नेपाल के साथ भारत के संबंध बिगाड़ने की साजिश की जा रही है। दुर्भाग्य है कि नेपाल की सरकार भी इसमें शामिल हो गई है।
उन्होंने कहा कि इसी साजिश के तहत अब नेपाल हिंदू राष्ट्र नहीं रह गया। संतकबीरनगर में सांसद ने एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि इस समय नेपाल अशांत चल रहा है। नेपाल की जनता का ध्यान हटाने के लिए नेपाल का नेतृत्व भारत पर आरोप लगा रहा है। नेपाल सरकार का यह आरोप है कि भारत जरूरी सामानों की आपूर्ति रोक रहा है। पूरी तरह से गलत है।
नेपाल की सरकार भारतीय वाहनों की सुरक्षा नहीं कर पा रही है जिसके कारण संकट खड़ा हुआ है। यदि नेपाल की सरकार भारतीय वाहनों क ी सुरक्षा की गारंटी नहीं लेगी तो फिर वाहन नेपाल कैसे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब नेपाल में भूकंप आया था तो भारत सरकार ने तत्काल सहायता का हाथ बढ़ाया। भारत की जनता भी खुले हाथ से नेपाल की जनता की मदद में उतर गई। तब पूरी दुनिया ने भारत की तारीफ की।
साहित्यकारों के सम्मान लौटने पर सांसद आदित्यनाथ ने कहा कि यह भी साजिश का हिस्सा है। अनावश्यक रूप से असहिष्णुता का हौवा खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह साहित्यकार तब कहां थे, जब सिक्खों का कत्लेआम किया गया। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी तभी से कुछ ताकतें देश को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। इसमें कुछ साहित्कार भी शामिल हो गए हैं और सम्मान लौटाने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यकारों के कारण देश की साख विदेशों में प्रभावित हो रही है। ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की एकता अखंडता के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।