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Sant Kabir Nagar News: जालसाजी का केस

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दो सगे भाइयों ने रेलेवे में नौकरी पाने की लालच में गंवा दिए 28 लाख रुपये
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- जालसाजों ने ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में फर्जी तरीके से करा दिया ज्वाइनिंग
- पुलिस ने दो भाई समेत पांच नामजद और कुछ अज्ञात पर दर्ज किया केस
संतकबीरनगर। रेलवे में नौकरी पाने की लालच में दो सगे भाइयों ने 28 लाख रुपये गंवा दिए। जालसाजों ने कथित रेलवे के अधिकारियों से मिलकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे मार्च 2016 में ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में ज्वाइनिंग भी करवा दिया। बाद में मामला खुला तो रकम वापसी का दबाव बनाने पर 28 लाख का तीन चेक दिया जो खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। इस मामले में मेंहदावल पुलिस ने दो सगे भाई समेत पांच नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
डॉक्टर जमील अहमद अंसारी चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य केंद्र चिनहट लखनऊ का आरोप है कि नवंबर 2015 में कुसौना खुर्द निवासी मोहम्मद अफसर पुत्र इसहाक उसके आवास पर आकर रोते हुए आए बताया कि चुनाव की रंजिश में प्रधान ने उसे फंसा दिया है। पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। निर्दोष होने का हवाला देकर बचाने की बात कही। बाद में क्षेत्रीय लोगों से मालूम करने पर पता चला कि थाना फरेंदा में अफसर के खिलाफ विपिन वर्मा एवं अन्य ने सोने की लूट का एक मुकदमा दर्ज कराया है। उस दौरान उच्च न्यायालय इलाहाबाद से अफसर को राहत मिल गई। उस खुशी में अफसर ने कुसौना खुर्द स्थित अपने आवास पर एक दावत का कार्यक्रम रखा। जिसमें उसके भाई मोहम्मद अहमद, मोहम्मद अजमल, मामा मजहरुलहक अमरडोभा एवं अब्बास मंझरिया पठान बखिरा भी शामिल थे।
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दावत में जमील को भी बुलाया गया। कार्यक्रम सभी ने उसके सामने रेलवे मे सीधी भर्ती होने की बात की और पूरी गारंटी के साथ उसके दो भाई नसीम अहमद एवं मोहम्मद अहमद को ग्रुप सी में नियमित ज्वाइनिंग दिलवाने का पक्का वादा किया। यह भी तय हुआ कि कुल 28 लाख रुपये देना पड़ेगा। सारा पेमेंट ज्वाइनिंग के बाद नकद देना होगा। वह उन लोगों के झांसे में आ गया और अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों से बातचीत कर पैसे के इंतजाम में लग गया। दोनों भाइयों का मेडिकल रेलवे अस्पताल आसनसोल में फरवरी 2016 में हुआ और दूसरे दिन उसका रिजल्ट भी आ गया। जिसमें दोनो भाइयों का नाम मौजूद था। यह देखकर भरोसा और मजबूत हो गया। ज्वाइनिंग के पहले ही अफसर एवं उक्त सभी लोगों ने अपनी गारंटी देते हुए पेमेंट के लिए दबाब बनाना शुरू कर दिया। वह तीन किस्तों में अफसर के दोनों भाइयों एवं पिता को अफसर के कहने पर 20 लाख रुपये नकद दे दिए।
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बाद में उसके दोनों भाइयों की नियुक्ति अफसर व उक्त लोगों ने कथित रेलवे अधिकारियों से मिलकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे मार्च 2016 में ईस्टर्न रेलवे कोलकाता में करवा दिया। शेष 8 लाख उसने एक मित्र से अपने खाते में मंगवाकर जामताडा शाखा से कैश निकालकर मोहम्मद अफसर, मोहम्मद अजमल एवं अब्बास को दे दिया। वह लखनऊ वापस अपनी ड्यूटी पर आ गए। दूसरे दिन भाई नसीम ने फोन किया और रोते हुए यह बताया कि उनकी ज्वाइनिंग अफसर ने फर्जी करवा दिया है। उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया है। किसी तरह उन्होंने भाइयों छुड़ाया। उसके बाद काफी दिनों तक सभी लोगों का मोबाइल बंद रहा। आरोप है कि दबाव बनाने पर अफसर ने अपने बैंक खाते से उसे 10-10 लाख रुपये के दो एवं आठ लाख रुपये का एक चेक मार्च 2018 में दिया। जब उक्त चेकों को खाते में लगाया तो तीनों चेक बाउंस हो गए। एसओ रविंद सिंह ने बताया कि मोहम्मद अफसर, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद अजमल, मामा अजहरुलहक, अब्बास और मोहम्मद अफसर के घर की महिलाओं सहित अज्ञात के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया गया।
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