धर्मसिंहवा। क्षेत्र के अतरी नानकार गांव में दुर्गा पंडाल बनाने को लेकर बृहस्पतिवार को दो पक्ष आमने-सामने हो गए। एक पक्ष आंबेडकर पार्क की जमीन होने का दावा कर रहा था तो दूसरा पक्ष उस जमीन पर नवरात्र में पारंपरिक दुर्गा पंडाल की बात कह रहा था। सूचना पर तहसीलदार और एसएसआई गांव में पहुंचे और मामले को शांत कराया। दुर्गा पंडाल बनाने के आश्वासन पर समझौता कराया।
अतरी नानकार में गांव के पश्चिम में एक जमीन पर बुद्ध बिहार आंबेडकर पार्क का निर्माण हुआ है। इसी जमीन के हिस्से में लोग नवरात्र के दौरान दुर्गा मूर्ति स्थापित कर करीब छह वर्षों से पूजा-पाठ करते आ रहे थे। बृहस्पतिवार को जब लोग उसी पुराने स्थान पर पंडाल बनाने के लिए पहुंचे तो दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध दर्ज करया और आंबेडकर पार्क की जमीन होने का दावा करने लगे। दोनों पक्षों में तकरार बढ़ने लगी। किसी ने प्रकरण की सूचना थाना व तहसील प्रशासन को दे दी। इस पर पुलिस व वह राजस्व कर्मी मामले की गंभीरता को लेकर विवादित स्थल पर पहुंच गए। तहसीलदार आनंद ओझा ने राजस्व कर्मियों से भूमि के प्रकार को जाना तो वह जमीन नवीन परती के रूप में दर्ज है। इस पर किसी का स्वामित्व नहीं है। जबकि थाने से मंगाए गए त्योहार रजिस्टर में उन्होंने पाया कि इस गांव का दुर्गा पंडाल काफी वर्षों से किसी स्थान पर बनता आ रहा है। मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया, जहां पर दोनों पक्षों में आपसी सहमति हुई कि दुर्गा पंडाल पारंपरिक स्थान पर ही रहेगा।
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धर्मसिहवा थाना क्षेत्र के अतरी नानकार में दुर्गा पूजा में मूर्ति स्थापना को लेकर कुछ लोगों में विवाद की सूचना मिली थी। मौके पर तहसीलदार को भेजकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है। स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। -अरुण कुमार, एसडीएम, मेंहदावल