संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने घर में घुसकर कर प्राणघातक हमला करने के मामले में आरोपी बनाए गए दो सगे भाइयों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि धनघटा क्षेत्र के ग्राम कटया निवासी संतोष पुत्र वृंदावन ने धनघटा थाने में तहरीर दिया। जिसमें कहा कि 29 अगस्त को रात करीब 9:30 बजे वह अपने दरवाजे पर बैठे थे। पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही अमित, मनोज कुमार व राजू तीन अज्ञात साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से चार पहिया वाहन से आए और गाड़ी से उतरकर उसे अपशब्द कहने लगे। मना करने पर लाठी-डंडा लेकर मारने के लिए दौड़ा लिया तो वह जान बचाकर घर में भागा। आरोपियों ने उसके घर में घुसकर उसे मारपीट कर घायल कर दिया। उसे गंभीर चोटें आई। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। आरोपी दो भाइयों राजू व मनोज कुमार ने कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उसमें कहा कि वे निर्दोष हैं। उसने कोई अपराध नहीं किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि वादी मुकदमा को गंभीर चोटें आई हैं। जमानत निरस्त किए जाने की याचना की। कोर्ट ने आरोपी सगे भाइयों की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।