खाद्य सुरक्षा बिल के तहत ग्रामीणों को प्रति यूनिट पांच किलो अनाज निर्धारित है। जिसमें तीन रुपये किलो चावल और दो रुपये किलो गेहूं दिया जाना है, किंतु दो माह से राशन वितरित नहीं किए जाने से गरीबों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गई है। इस प्रकार की समस्या विकास क्षेत्र के दर्जनों गांवों में है।
बखिरा, भगवानपुर, समदा, ढ़ोढय़ा, हारापट्टी, अमरडोभा, लेड़वा-महुवा, गौरा समेत अन्य गांवों में दो माह से अनाज वितरित नहीं किया गया है। ग्रामीण रामबहाल, राजेश कुमार, शिवकुमार, राजकुमार, उमाशंकर, प्रेमकुमार, रामचन्द्र, राजू, दयाराम, बलराम, रामहरख ने बताया कि दो माह से उन्हें राशन नहीं मिला है।
कोटेदार का चक्कर लगाकर थक गए है। अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो कोई सार्थक जवाब नहीं मिलता है। लोगों ने नाराजगी जताई कि जब नई व्यवस्था में इतनी दिक्कते हैं तो इससे बेहतर तो पुरानी ही व्यवस्था थी।
पहले मिलने वाले अनाज से जिंदगी की गाड़ी एक ढर्रे पर चल रही थी। दो माह से राशन नहीं मिलने से परिवार के लोग परेशान हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शीघ्र ही व्यवस्था को दुरुस्त कराते हुए उन्हें राशन वितरित कराने की मांग की है।