संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी द्वितीय जेएम निधि मिश्रा की अदालत ने घर में घुसकर मारने-पीटने अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी बनाए गए लोगों को साक्ष्य के अभाव में एवं संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के बनपुरवा निवासी बुधिराम ने आरोप लगाया था कि 26 मार्च 2016 की रात करीब 10 बजे पुरानी रंजिश को लेकर घर में घुसकर उसके पटीदार नागेंद्र, सोमनाथ, रामबरन व जसवंत अप शब्द कहते हुए लात, मुक्का-डंडा से मारपीट कर जानमाल की धमकी देकर चले गए। तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपियों ने आरोप से इन्कार किया और विचारण की मांग की।
सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी द्वितीय/जेएम निधि मिश्रा की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों की गवाही तथा अभियोजन पक्ष द्वारा मामले को साबित करने में असफल रहने पर ग्राम बनपुरवा निवासी नागेंद्र, सोमनाथ, रामबरन ,जसवंत, (पिता पुत्र भाई समेत चार) को विश्वसनीय साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।