संतकबीरनगर। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते 11 वर्ष पुराने गोवध अधिनियम के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को सात-सात दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस की पैरवी के आधार पर सीजे (जेडी)/जेएम न्यायालय, ने फैसला सुनाया। मामला थाना दुधारा में वर्ष 2015 से संबंधित है। इसमें गोवध निवारण अधिनियम के तहत मो. याकूब और मो. इसराईल निवासी बंजरिया, थाना दुधारा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने दोनों को 20 अप्रैल 2015 को 172 गोवंश के साथ गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने अभियुक्तों की स्वीकारोक्ति के आधार पर दोनों को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास के साथ 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोनों दोषियों को सात-सात दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा। संवाद