संतकबीरनगर। बुधवार को जानलेवा हुई ठंड से बीएलओ समेत दो लोगों की मौत हो गई । दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हुए। लोग कांपते रहे। पछुआ हवा चलने से बढ़ी गलन से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह व शाम को कोहरा घना हो जाने से वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा।
ठंड के कारण सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति भी कम रही। कक्षा आठ तक के स्कूल तो बंद रहे, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होने के कारण जो शिक्षक आए भी वे अलाव सेंकते रहे। हैंसर क्षेत्र के गोपीपुर गांव के बूथ पर कार्यरत बीएलओ जमुना प्रसाद मिश्र की मंगलवार की रात जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिजन मौत का कारण ठंड बता रहे हैं।
अहरा गांव के हैसरिया टोला निवासी जमुना प्रसाद मिश्र (44) गोपीपुर बूथ पर बीएलओ के रूप में कार्य कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि वह मंगलवार को दोपहर मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिए गोपीपुर गांव में गए थे। वहीं पर उनको ठंड लगी और वह अचेत हो गए। इसकी सूचना गांव के लोगों घर वालों को दी। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए।
जहां पर इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बीएलओ की मौत की सूचना पर बुधवार की सुबह बीडीओ सौरभ पांडेय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश पाठक, उदयभान आदि उनके घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। पौली ब्लाॅक के रानीपुर गांव निवासी किशोर नामक किसान की मौत मंगलवार की रात ठंड लगने से हो गई।
घरवालों का कहना है कि किशोर (50) रात में खाना खाकर सोए थे। लघु शंका से लौटकर पुन: बिस्तर पर लेटे तो उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने की तैयारी चल रही थी तभी उनकी मौत हो गई। दाह संस्कार बुधवार को सरयू नदी के बिड़हर घाट पर कर दिया गया। एसडीएम बाबूराम ने ऐसी सूचना से अनभिज्ञता जताई।
बेलहर पीएचसी के प्रभारी डॉक्टर उमर हस्मत अंसारी ने बताया किबच्चों खासकर नवजात के लिए यह मौसम काफी संवेदनशील है। बच्चों में सर्दी-जुकाम, नाक बंद, कान बहना आदि बीमारियों के अलावा निमोनिया, डायरिया व जानलेवा हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ गया है।