संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने हत्या की कोशिश करने के दोषी दो भाइयों को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 22 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को एक माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
थाना बखिरा के ग्राम सिहटीकर निवासी शारदा देवी ने थाना बखिरा पुलिस को लिखित तहरीर दी कि उनके पट्टीदार हरिश्चंद्र और अमरीश व अन्य दो दिन पहले सरसों उखाड़ लिए थे, मेरे पति इसका उलाहना देने गए थे। इसी रंजिश में 22 दिसंबर 2008 की सुबह हरिश्चंद, अमरीश अपने साथियों के साथ घर पर चढ़ आए और उसके पति हरिश्चंद्र को मारने लगे। बचाने आई तो उसे भी डंडा से पीटा। थाना बखिरा में एनसीआर दर्ज हुआ।
चोटिल हरिश्चंद्र व उसकी पत्नी की इंजरी रिपोर्ट व साक्ष्य के आधार पर धारा को तरमीम करते हुए विवेचक ने आरोपी अमरीश सिंह व द्रौपदी देवी व हरिश्चंद्र के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। कोर्ट में दौरान विचारण द्रौपदी देवी की मृत्यु हो गई। आरोपियों के लाठी डंडा से मारने पीटने से हरिश्चंद्र के शरीर में 18 चोटें आई हैं।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए थाना बखिरा अंतर्गत ग्राम सिहटीकर निवासी हरिश्चंद्र व अमरेश पुत्रगण जंगली दोनों भाइयों को गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास करने के मामले में दोषी पाए जाने पर पांच-पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 22 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।