संतकबीरनगर। शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रमेश दुबे की कोर्ट में मुकदमे में जमानत लेने वाले व्यक्तियों को आरोपी के न्यायालय में हाजिर नहीं होने पर जुर्माना भरना पड़ा है।
मामला यह है कि आरोपी महेंद्र केवट सकिन बालीचक थाना बांसगांव जनपद गोरखपुर के विरुद्ध थाना धनघटा में सन 2012 में आर्म्स एक्ट में केस दर्ज हुआ था। उस मुकदमे में जमानतदार मुख्तार अहमद पुत्र सलीम व लालचंद यादव पुत्र मंगल प्रसाद निवासीगण काजीपुर मगहर थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ने आरोपी महेंद्र केवट की जमानत ली थी। दौरान मुकदमा महेंद्र केवट न्यायालय से फरार घोषित किया जा चुका है।
उक्त मामले में कोर्ट ने जमानतदारों के नाम वाद दर्ज कर नोटिस जारी की। जमानतदार शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में आकर अपने जुर्म को स्वीकार किए।
कहे कि आरोपी महेंद्र केवट को उपस्थित किए जाने में असमर्थ है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रमेश दुबे की कोर्ट ने दोनों जमानतदारों की जमानत राशि को जब्त करते हुए जमानतदार अली मुख्तार व लाल चंद प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि को जमा किए जाने पर दोनों जमानत दरों का मामला समाप्त करने का आदेश दिया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नासिर अहमद की कोर्ट में कुल 17 पारिवारिक मामलों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण विश्वनाथ की कोर्ट में 51 मामलों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज-प्रथम रमेश दूबे की कोर्ट में कुल 329 मामलों का निस्तारण हुआ। स्पेशल जज एससीएसटी भूपेंद्र राय की कोर्ट में 19 मामलों का निस्तारण किया गया। स्पेशल जज पॉक्सो एवं नोडल अधिकारी लोक अदालत कृष्ण कुमार-पंचम की कोर्ट में चार मामलों का निस्तारण किया गया। सिविल जज जूडि मिमोह यादव ने कुल 883 मामलों का निस्तारण किया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष इश्तियाक अली के कोर्ट में कुल पांच मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला जज महेन्द्र कुमार सिंह, सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मिश्र, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी अजीत कुमार सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव, आज्ञाराम चौधरी, के सी पांडे आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।