सांसद को निकालने के लिए लाइटें बंद कीं, भीड़ पर किया लाठीचार्ज
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संतकबीरनगर। मारपीट के बाद कलेक्ट्रेट के एक कमरे में बैठे सांसद को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस ने रणनीति के तहत पहले कलेक्ट्रेट की सभी लाइटें बंद कर दीं फिर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इससे गुस्साई भीड़ ने कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ कर दी। विधायक कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। लोग सड़क पर आ गए और खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग पर जा रही रोडवेज की एक बस पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर दोबारा भीड़ को खदेड़ा। इस दौरान तीन राहगीर भी घायल हो गए जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रात करीब आठ बजे सांसद शरद त्रिपाठी को कलेक्ट्रेट से बाहर निकालने के लिए रणनीति के तहत पहले भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिसकर्मियों ने लोगों को खदेड़ना शुरू किया। इसी दौरान कलेक्ट्रेट की लाइटें बंद कर सांसद को उनकी गाड़ी में बैठाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस की पिटाई से नाराज लोग कलेक्ट्रेट भवन के अंदर पहुंच गए और गमलों और फाटकों के शीशे तोड़ दिए। पुलिसकर्मियों ने लोगों को बाहर खदेड़ा। भीड़ सड़क पर पहुंची और जिला अस्पताल गेट के सामने लोगों ने पुलिस कर्मियों की तरफ पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान खलीलाबाद से मेंहदावल की तरफ जा रही रोडवेज की एक बस पर भी पथराव किया गया। बस के चालक ने भीड़ के बीच से तेजी से गाड़ी बढ़ाई और मुख्यालय से निकल गया। पुलिस कर्मियों ने फिर लोगों को दौड़ाकर पीटना शुरू किया। तीन राहगीर घायल हो गए जिन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।