फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: हड़ताल से थम गए बसों के पहिए, यात्रियों को झेलनी पड़ी दुर्दशा

Mon, 01 Jan 2024 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो सहित
विज्ञापन

-लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लौटने के लिए हुए मजबूर, लोकल यात्रियों को भी हुई परेशानी, ई-रिक्शा के सहारे रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नए मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बसों के पहिए थम गए। सड़क पर दिनभर परिवहन निगम की बसें नहीं चलीं। इसके कारण यात्रियों को दुर्दशा झेलनी पड़ी। लंबी दूरी के यात्री घंटों इंतजार के बाद घर लाैटने के लिए मजबूर हुए। लोकल यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। ई-रिक्शा से लोगों ने किसी तरह यात्रा की।
नए व्हीकल एक्ट के तहत चालकों की लापरवाही पर सात लाख का जुर्माना और दस साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके विरोध में नए साल के पहले दिन सोमवार को परिवहन निगम के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसका असर यह रहा कि बसों के पहिए थम गए और बसें अपने-अपने डिपो में खड़ी हो गईं। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले खलीलाबाद के मेंहदावल बाईपास पर बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन एक भी बस नहीं आई।
विज्ञापन

दिनभर यह सिलसिला चलता रहा। ऐसे में लोग घंटों इंतजार करने के बाद घरों को लौट गए। कुछ यात्री रेलवे स्टेशन गए, लेकिन यहां पर भी ट्रेनों की कमी के कारण परेशान रहे। हड़ताल के चलते लोकल यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। कारण यह रहा कि तोड़फोड़ की आशंका के चलते प्राइवेट बस चालक भी बसों को सड़क पर नहीं निकाले। इससे लोकल यात्रियों को भी अपने गंतव्य स्थान पर जाने के लिए परेशान होना पड़ा। कुछ यात्रियों ने ई-रिक्शा और ऑटो से किसी प्रकार यात्रा की, लेकिन मेंहदावल, धनघटा, सेमरियावा, बखिरा आदि क्षेत्रों के लिए वाहनों की कमी बनी रही। लोग वाहन के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
कोट
मेंहदावल बाईपास पर बस का इंतजार करते हुए करीब दो घंटों बीत गया है, लेकिन एक भी बस नहीं आई। बताया गया कि परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बसें नहीं चली। ऐसे में घर लौटना पड़ रहा है।
-अमन, यात्री

कानपुर के लिए बस पकड़ने आए थे। करीब तीन घंटा हो गया। बस नहीं आ रही है। प्राइवेट वाहन भी नहीं चल रहे है। ऐसे में अब घर लौटना पड़ रहा है।
- संदीप कुमार, यात्री
कोट
मेंहदावल जाने के लिए बस का इंतजार करते रहे। हड़ताल के चलते बसें नहीं चलीं। प्राइवेट वाहन भी नहीं चल रहे हैं। ऑटो से जाने के लिए बात की तो मनमाना किराया मांगा जा रहा है। किसी से लिफ्ट मांगकर जाएंगे।
विज्ञापन

-रामपाल, यात्री
कोट
मुंबई जाना है। इसके लिए लखनऊ जाना आवश्यक है, लेकिन बसें नहीं चल रही हैं। चार घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। प्राइवेट बसें भी नहीं मिल रही हैं। ऐसे में यात्रा स्थगित कर घर वापस जाना मजबूरी है।
-सऊद खान, यात्री
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें