लोहरैया। क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब दो दशक पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) औराडाड़ का निर्माण हुआ था। आज भी स्थाई चिकित्सक की नियुक्ति का इंतजार कर रहा है।
अस्पताल की इमारत और बुनियादी ढांचा तैयार होने के बावजूद यहां नियमित एलोपैथिक चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। नतीजतन अस्पताल का संचालन मुख्य रूप से फाॅर्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन के सहारे हो रहा है।
अस्पताल में वर्तमान में फाॅर्मासिस्ट बालकृष्ण शुक्ला और लैब टेक्नीशियन ध्रुव नारायण उपलब्ध संसाधनों के अनुसार मरीजों का उपचार और जांच की व्यवस्था संभाल रहे हैं। वहीं, एनएचएम-आरबीएसके के तहत तैनात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आभा पांडे सप्ताह में केवल बुधवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को अस्पताल आती हैं। नियमित डॉक्टर न होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सप्ताह में एक-दो दिन किसी अन्य स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध चिकित्सक अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन क्षेत्रीय ड्यूटी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहने के कारण मरीजों को नियमित रूप से नहीं देख पाते।
पीएचसी औराडाड़ पर औराडाड़, जिगिना, मनिकापार, मुंडेरा राय, पांडेपुर, मरवटिया समेत बभनौली और डेबरी न्याय पंचायत के हजारों लोग निर्भर हैं।