संतकबीरनगर। जिले में तैनात सीएमओ डॉक्टर अनिरुद्ध सिंह और सीएमएस डॉक्टर महेश प्रसाद का बुधवार को स्थानांतरण हो गया। स्वास्थ्य विभाग के दोनाें अधिकारी विवादों में घिरे रहे। यहां तक कि जनप्रतिनिधियों तक ने इनकी कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए।
सीएमओ डाॅक्टर अनिरुद्ध सिंह का जिले में करीब डेढृ साल का कार्यकाल रहा। इस बीच यह अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे। तीन महीना पूर्व दुधारा क्षेत्र में हुए हादसे में एक ही बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई थी। जबकि तीसरा युवक घायल हो गया था। घायल युवक को एबुलेंस चालक जिला अस्पताल न पहुंचा कर रास्ते में नेदुला के पास फेंक दिया था। यह प्रकरण संज्ञान में आने के बाद सांसद प्रवीण निषाद, विधायक सदर अंकुर राज तिवारी और विधायक मेंहदावल अनिल त्रिपाठी जिला अस्पताल पहुंच गए थे। विधायक ने फोन कर सीएमओ से प्रकरण की जानकारी मांगी तो सीएमओ ने नहीं दे पाए। जनप्रतिनिधियों से बेहतर संवाद नहीं किए। सीएमएस डॉक्टर महेश प्रसाद काफी देर से पहुंचे और जनप्रतिनिधियों से वाद-विवाद कर दिया। यहां तक कि सादे कागज पर खुद काम नहीं करने की बात लिखकर माहौल को गर्म कर दिया था। इस प्रकरण को लेकर सांसद और विधायक ने सीएम तक से शिकायत की थी। पूर्व डीएम ने प्रकरण की सीडीओ से जांच तक कराई थी। प्रभारी मंत्री की बैठक में विधायक सदर और सांसद ने सीएमओ की कार्यशैली पर सवाल उठाया था। इतना ही नहीं, आशा कार्यकर्ताओं का समय से भुगतान नहीं करने को लेकर सीएमओ चर्चा में रहे। मानदेय की मांग को लेकर धरना देने वाली आशा कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष के खिलाफ केस तक दर्ज करवा दिए थे। सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी भी इनकी कार्यशैली को लेकर खासा परेशान रहे।