संतकबीरनगर। होलीपरिवार के साथ मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग घर लौट रहे हैं। इससे जहां ट्रेनें फुल हैं तो बसों में भी भीड़ बढ़ गई है। लोग किसी तरह सफर करने को मजबूर हैं। हालांकि परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है और स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।
इसके बाद भी यात्रियों को राहत नहीं मिल पा रही है। इस बीच निजी बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। इससे यात्री परेशानी झेलने को मजबूर हैं। होली का त्योहार मनाने के लिए कानपुर, दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, अमृतसर, लुधियाना, सूरत सहित कई स्थानों पर काम करने वाले लोग घर लौट रहे हैं। इधर छुट्टी हो जाने से खलीलाबाद रेलवे स्टेशन से भी बड़ी संख्या में लोग घर जा रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण लोग जनरल कोच में सफर करने को मजबूर हैं।
परिवार के साथ जरनल कोच में प्रवेश करने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आए राम अनुज, दिग्विजय कुमार आदि ने बताया कि दिल्ली जाना है, लेकिन टिकट कंफर्म नहीं हो पाया है। ऐसे में जनरल कोच में सफर करना पड़ रहा है। कोच में चढ़ने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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सरकारी बसों में भीड़ ने बढ़ाई मुश्किलें, निजी बसों का किराया बढ़ा
एक तरफ जहां ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है वहीं बसों में भी भीड़ बढ़ गई है। इसके कारण यात्रियों परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। यात्री अमित कुमार, दयाराम आदि ने बताया कि कानपुर जाना है। ट्रेन का टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो बस से सफर करने के लिए आए हैं, लेकिन बसों में भी जगह नहीं मिल पा रही है। कई बस छोड़ चुके हैं। इन लोगों ने कहा कि प्राइवेट बसों को किराया बढ़ा दिया गया है। इसलिए प्राइवेट बस पकड़ने की जगह परिवहन निगम की बस पकड़ेंगे।
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लोकल रूटों पर भी परेशानी झेल रहे यात्री
लंबी दूरी तय कर लौट रहे यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो रही है। वजह यह है कि लंबी दूरी तय कर खलीलाबाद तो पहुंच जा रहे हैं, लेकिन लोकल रूटों पर सवारी वाहनों की कमी के चलते घर पहुंचने में परेशान होना पड़ रहा है। मेंहदावल जाने के लिए सवारी वाहन का इंतजार करते मिले सुरेंद्र कुमार ने बताया कि काफी देर से खड़े हैं, लेकिन वाहन नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह धनघटा जाने के लिए वाहन का इंतजार करने वाले लालदेव ने बताया कि होली की छुट्टी के कारण वाहन कम हो गए हैं। जिससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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यात्रियों की सुविधाओं के लिए 50 अतिरिक्त बसें चलाई जा रही है। इसके साथ ही लोकल रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए गए है। पूरा प्रयास है कि यात्रियों को परेशानी न हो।
-आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती