कोविड मरीज को वेंटिलेटर पर रखने का दिया प्रशिक्षण
मॉर्क ड्रिल में मिली कमियां स्वास्थ्य विभाग दूर करने में जुटा
संतकबीरनगर। कोरोना से बचाव की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग जुटा है। डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टॉफ समेत अन्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में वेंटिलेटर पर मरीज को कैसे रखना है, इसकी जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल में मिली कमियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
चीन में कोरोना कहर बरपा रहा है। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर जिले में भी सतर्कता बरती जा रही है। 27 दिसंबर को जिला अस्पताल के एमसीएच विंग, सीएचसी मेंहदावल, सीएचसी हैंसर, सीएचस सेमरियावां और सीएचसी खलीलाबाद में मॉक ड्रिल भी हुआ था। जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के कोविड वार्ड में ऑक्सीजन ही नहीं पहुंच रहा था। अन्य अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट में कमी मिली थी।
अब चिकित्सक, स्टाफ नर्स समेत अन्य कर्मियों को एमसीएच विंग में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें कोरोना के गंभीर मरीज को वेंटिलेटर पर रखने के बाद क्या-क्या जरूरी इलाज किया जाना है, उस बारे में बताया गया। डॉ. संतोष त्रिपाठी ने कहा कि मरीज को कितना ऑक्सीजन देना है, यह सब जांच के बाद ही तय करने की जिम्मेदारी चिकित्सक की होगी।
सीएमओ डॉ. अनिरूद्घ सिंह ने कहा कि कोविड को देखते हुए यह प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। पहले से ही सभी तैयारी की जा रही है। जहां कमियां मिल रही हैं, उसे दूर किया जा रहा है। इस दौरान सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी, डॉ. मुबारक अली, डॉ. वीपी पांडेय, डॉ. रोहित पांडेय, फार्मासिस्ट सत्यव्रत तिवारी, डॉ. महेश प्रसाद, स्टाफ नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।