तत्कालीन डीसी एमडीएम पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
बीएसए को बिना सूचना दिए उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर बनाने पर हुई कार्रवाई
डीएम के अनुमोदन के बाद बीएसए ने समाप्त कर दी थी संविदा सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बीएसए को बिना सूचना दिए उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर बनाने के मामले में तत्कालीन जिला समन्वयक (मध्याह्न भोजन) पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस यह कार्रवाई बीएसए की तहरीर पर की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि धीरेंद्र प्रताप चंद जिला समन्वयक (मध्याह्न भोजन) संतकबीरनगर के पद पर कार्यरत थे। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। डीएम के अनुमोद पर एक सितंबर को धीरेंद्र प्रताप चंद्र की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके विरुद्ध धीरेंद्र प्रताप चंद्र ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की थी।
धीरेंद्र प्रताप चंद ने 17 दिसंबर को प्रत्यावेदन के माध्यम से उक्त याचिका में 19 अक्तूबर को पारित आदेश की प्रति उपलब्ध कराई गई। इसके अनुपालन के लिए बीएसए विचार कर रहे थे। आरोप है कि 26 दिसंबर को कार्यालय की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया गया। पाया गया उपस्थिति पंजिका के क्रम संख्या 20 में धीरेंद्र प्रताप चंद ने बिना बीएसए को सूचित किए खुद को कर्मचारी (संविदा) मानते हुए 17 दिंसबर से अपना नाम लिखकर हस्ताक्षर कर दिया है। जबकि पंजिका में धीरेंद्र प्रताप चंद का नाम नहीं था।
आरोप है कि धीरेंद्र प्रताप चंद की ओर से उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश का सार्थक संज्ञान नहीं लिया गया। बीएसए ने इसकी सूचना 26 दिसंबर को डीएम को दी। डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि आरोपी धीरेंद्र प्रताप चंद्र पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।