जिन्हें कुछ लोग बचाकर मैनसिर ले गए और वहां लोगों ने कंबल से शरीर को ढक कर उन्हें सुरक्षित किया। इसका असर यह हुआ है कि उस रास्ते करीब एक घंटे तक खासकर बाइक सवार लोग नहीं गुजरे।
चार पहिया वाहन तो उस रास्ते आ - जा रहे थे, लेकिन बाइक सवार बेलवा गांव होकर और भेडिया ईट भट्ठे के रास्ते मैनसिर पहुंच कर खलीलाबाद का सफर किए।
विश्वनाथपुर निवासी मिंटू पांडेय, हरिशंकर, अंकुर आदि ने बताया कि घोरही पोखरा के पास एक पेड़ में मधुमक्खियों ने छत्ता बनाया था। जिस पर किसी ने ईंट का टुकड़ा फेंक दिया तो मधुमक्खियां तितर- बितर होकर राहगीरों पर हमला बोल दी। इसमें तीन राहगीर जख्मी हो गए।
करीब एक घंटे तक भय के कारण उस रास्ते आवागमन नहीं किए। खास कर बाइक सवार तो काफी डरे सहमे नजर आए। बाद में जब मधुमक्खियां सीवान की तरफ रुख कर गई तो बाइक सवार भी आना- जाना शुरू किए।