नवीन मंडी खलीलाबाद में सितंबर माह में आग लगने से 29 दुकानें जल गई थीं। प्रभावित कारोबारियों को अब भी शासन से आर्थिक राहत का इंतजार है। परिसर में समस्याएं भी बनी हुई हैं। न तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त हुई और न ही सड़कें। ऊपर से फुटकर फल विक्रेताओं को भी मंडी पहुंचा दिया गया।
जनपद मुख्यालय के सरैया में राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर वर्ष 2011 में नवीन मंडी बनी। यहां प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, लेकिन व्यापारियों की सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। परिसर की एक तरफ की चहारदीवारी टूट गई है। बरसात के मौसम में परिसर में भारी जलभराव हो जाता है। वर्तमान में मंडी में पैदल चलना दूभर हो गया है।
कारण यह है कि परिसर में बनी सड़क जर्जर होकर टूटी गई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। व्यापारियों के लिए बने शौचालय में सफाई की स्थिति बेहद खराब है। दस सितंबर को परिसर में आग लग गई थी। 29 कारोबारियों का सबकुछ जल गया था। उस समय व्यापारियों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें शासन स्तर से मुख्यमंत्री अग्निपीड़ित योजना के तहत सहायता दिलाई जाएगी, लेकिन अब तक राहत नहीं मिल पाई है।
सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने अपने स्तर से प्रत्येक व्यापारी को 50-50 हजार रुपये देकर मरहम लगाया था।
मंडी में कारोबार करने वाले अनिल कुमार, प्रदीप कुमार, राम मिलन, उस्मान अली, वसीउल्लाह, जावेद, विपिन, मनोज कुमार आदि ने बताया कि सड़क जर्जर है तो सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है।
इन लोगों ने कहा कि आग लगने के बाद आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही आर्थिक राहत मिलेगी, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ।
मंडी परिषद खलीलाबाद के सचिव सेवाराम वर्मा ने कहा कि कोट मंडी में कारोबार करने वाले व्यापारियों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सफाई के निर्देश दिए गए हैं। अग्निपीड़ितों को आर्थिक राहत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।