लूट के मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाएगी पुलिस, झूठी सूचना देने वाले पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। दुधारा क्षेत्र के पकड़ी आराजी के पास सोमवार शाम पंचर बनाने वाले युवक से हुई एक लाख रुपये की लूट की घटना पुलिस की जांच में झूठी निकली। पुलिस के मुताबिक युवक ने अपने ससुर से एक लाख रुपये कर्ज लिया थ्ाा। कर्ज की रकम न चुकता करनी पड़े, इसलिए लूट की फर्जी कहानी गढ़ दी।
एसपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि बखिरा क्षेत्र के देवलसा गांव निवासी 28 वर्षीय रामखेलावन यादव की दुधारा क्षेत्र के मंगुआ पांडेय गांव में रामजी यादव के वहां ससुराल है। रामखेलावन ने सोमवार को दुधारा पुलिस को सूचना दी कि घर से बाइक से एक लाख रुपये बैग में रखकर अपने ससुराल मंगुआ पांडेय जा रहे थे। रास्ते में शाम छह बजे के करीब पकड़ी अराजी कब्रिस्तान के पास एक बाइक पर सवार दो युवक आए और उसकी बाइक में टक्कर मार दी। जब वह दोनों युवकों से पूछा की क्यो टक्कर मारी तो उसे धमकी दी। उसी बीच दूसरी बाइक से गमछे से मुंह बांधे दो युवक आए और चाकू दिखाकर धमकाया।
शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर रुपये रखा बैग छीन ले गए। बैग में आधार कार्ड तथा पैनकार्ड भी था। घटना की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया। सूचना पर एसपी, सीओ, एसओ मौके पर पहुंच गए। एसपी ने लूट के पर्दाफाश के लिए एसओ दुधारा और एसओजी टीम को लगाया। एसपी ने बताया कि मामले की जांच पुलिस टीम ने की तो मामला झूठा निकला।
पूछताछ में राम खेलावन यादव ने बताया कि वह बभनी चौराहे पर पंचर बनाने का काम करता है। उसने छह महीने पूर्व अपने ससुर रामजी यादव से जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिए थे। ससुर को रुपयों की जरूरत थी और वह उधार दिए रकम की मांग कर रहे थे। उसके पास उधार की रकम चुकता करने की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इसी वजह से उसने लूट की फर्जी कहानी गढ़ दी।
एसपी ने बताया कि लूट के दर्ज मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। झूठी लूट की सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वाले राम खेलावन पर 182 आईपीसी की रिपोर्ट कोर्ट में भेजी जाएगी।