संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में बनाए गए सामुदायिक शौचालय उपयोगी साबित नहीं हो रहे हैं। हैंसर ब्लॉक क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर बने सामुदायिक शौचालयों में ताला लटक रहा है। इससे जरूरतमंदों को सुलभ शौचालय की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है।
जिम्मेदारों की उपेक्षा के चलते जरूरतमंद सामुदायिक शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। हैंसर ब्लॉक क्षेत्र के बंसवारीगांव, बरांव में सामुदायिक शौचालय हाथी का दांत साबित हो रहा है। यहां सामुदायिक शौचालय में ताले लटक रहे हैं।
बंसवारीगांव में पंचवर्षीय योजना में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। दो-तीन माह तक संचालन हुआ लेकिन नई पंचायत का गठन होने के बाद ताला लगा दिया गया। जबकि यहां तैनात केयरटेकर को बिना कार्य किए मानदेय का भुगतान किया जा रहा है।
प्रमुख धार्मिक स्थल होने से यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेने पहुंचते हैं। सामुदायिक शौचालय हमेशा बंद होने से लोगों को खुले में शौच आदि के लिए जाना पड़ता है। गांव निवासी आकाश, मदन बाबा, मृत्युंजय राय, पिंटू राय, मदन राय, पारस यादव, रिंकू राय, मनोज, प्रहलाद बाबा पुजारी ने बताया कि सुलभ शौचालय पर पानी की व्यवस्था नहीं है। पानी की टंकी आदि सिस्टम खराब पड़े हैं।
ग्राम पंचायत बरांव में सामुदायिक शौचालय की हालत खराब है। भवन में लगे खिड़की-दरवाजे गायब हैं। भवन क्षतिग्रस्त हो रहा है। लोगों ने शीघ्र सामुदायिक शौचालय का संचालन शुरू करने की मांग की है।
इस संबंध में सहायक विकास पंचायत हैंसर आनंद मोहन ने बताया कि बंद सामुदायिक शौचालयों की जांच की जाएगी। जहां क्षतिग्रस्त है वहां एस्टीमेट बनाकर मरम्मत बहुत जल्द कराया जाएगा। सफाई की भी व्यवस्था भी बेहतर बनाई जाएगी।्