दो वर्ष से अधूरा है शौचालय, पर धन की हो गई निकासी
-मेंहदावल ब्लॉक के तुनिहवां गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। एक तरफ शासन-प्रशासन सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण को लेकर गंभीर है तो दूसरी तरफ जिम्मेदार शासन-प्रशासन की मुहिम को अंगूठा दिखा रहे हैं। ऐसा ही मामला विकास खंड क्षेत्र के तुनिहवां गांव का है। यहां दो वर्ष पूर्व सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए धन आहरित कर लिया गया, लेकिन अब भी यह सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा है। गांव के लोग अधूरे शौचालय को लेकर सवाल कर रहे हैं।
मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत तुनिहवा में दो वर्षों से सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा है। दो वर्ष पूर्व शौचालय के मद में धन की निकासी करा ली गई। शौचालय का निर्माण भी शुरू हुआ, लेकिन आज भी शौचालय आधा अधूरा है। न तो शौचालय में दरवाजे लगाए गए हैं और न पेटिंग का कार्य हुआ है। वाटर सप्लाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। इसके अतिरिक्त भी कई कार्य अब भी शौचालय में अधूरे हैं। जब गांव के लोग अधूरे शौचालय को लेकर जिम्मेदारों से सवाल जवाब करते हैं तो उन्हें चुप करा दिया जाता है। ऐसे में गांव को स्वच्छ बनाने की मुहिम सामुदायिक शौचालय के अधूरे रहने से सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि जब से शौचालय के मद में धन की निकासी हुई है, तब से तीन ग्राम पंचायत सचिव बदल चुके हैं। उसके बाद भी विकास खंड के जिम्मेदार शौचालय निर्माण पूरा कराने में तत्पर नजर नहीं आ रहे हैं। एडीओ पंचायत दीप श्रीवास्तव का कहना है कि तुनिहवां ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा हैं, उसे पूरा कराने के लिए ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान को निर्देश दिए गए हैं। शौचालय के मद में अभी कुछ धन शेष है। कार्य पूरा होने के बाद ही उक्त धन की निकासी करायी जाएगी।