स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहे अधूरे व बदहाल शौचालय
- गंदगी फैलने से बढ़ा संक्रामक बीमारियों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। स्वच्छता अभियान को लेकर प्रशासन भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन कहीं शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं तो कही शौचालय में कंडा रखा हुआ है। जिससे स्वच्छता अभियान को झटका लगा है। जगह-जगह फैली गंदगी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है।
जिले में स्वच्छता अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालय के साथ ही सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो रहा है। प्रशासन का दावा है कि अधिकतर गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं। जमीनी हकीकत इससे इतर है। गांवों में बनवाए गए शौचालय तो दिख रहे हैं, लेकिन अधिकतर बदहाल हो चुके हैं।
स्थिति यह है कि कहीं शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं तो कहीं शौचालयों में कंडा आदि रखा जा रहा है। इसकी बागनी के तौर पर खलीलाबाद विकास खंड के रानीपार गांव को देखा जा सकता है। जहां कई शौचालयों की छत नहीं है तो कईयों में दरवाजे ही नहीं लगे हैं। शौचालयों का उपयोग कंडा रखने के लिए किया जा रहा है।
इसी प्रकार धरैची में भी कई शौचालय अधूरे पड़े हुए हैं। यह स्थिति तब है जबकि जिला जेई एवं एईएस के दृष्टिकोण से संवेदनशील है। इसके साथ ही वर्तमान में डेंगू, मलेरिया आदि के भी मामले आ रहे हैं। पिछले महीने में शासन के निर्देश पर संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों को गंदगी दूर करने के लिए जागरूक किया गया, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है।
ऐसे में स्वच्छता अभियान पर सवाल खड़ा हो रहा है। यही नहीं गांव के रास्तों पर गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को आने-जाने में भी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि स्वच्छता को लेकर विभाग सतर्क है। जहां पर शौचालय अधूरे हैं, उन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।