शिक्षकों से वेतन लगाने और सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप में सोमवार को तीन शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस जारी किया है। तीन दिन में नोटिस का जवाब न देने पर शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बीएसए जगदीश प्रसाद शुक्ल ने बताया कि प्रशिक्षु शिक्षकों का प्रशिक्षण के बाद सहायक अध्यापक के पद पर मौलिक नियुक्ति की गई। जिसके बाद शिक्षक एवं शिक्षिकाओं से उनके शैक्षिक अंक व प्रमाण पत्रों के सत्यापन कराने के नाम पर सांथा और मेंहदावल में तैनात तीन शिक्षकों ने धन की डिमांड की गई। प्रमाण पत्रों के सत्यापन के नाम तीनों शिक्षकों पर तीन हजार प्रति शिक्षक वसूली करने का आरोप है। ये शिक्षक अपने को टेट मोर्चा का पदाधिकारी बताते है। इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि यदि वे टेट मोर्चे के पदाधिकारी हैं तो उक्त मोर्चे का पंजीकरण विषयक प्रमाण दिखाएं। इसके साथ ही लगे आरोपों पर जवाब दे।
विरोध जताया ः टेट मोर्चा के पदाधिकारी सोमवार को बीएसए से मिले और शिक्षकों के बकाया एरियर को दिलाए जाने की मांग की। इसके साथ ही तीन शिक्षकों पर लगे आरोपों को गलत बताया और जारी नोटिस को स्थगित करने की मांग रखी। शिक्षकों ने कहा कि तीनों शिक्षक विद्यालय पर समय से पहुंच कर पठन पाठन का कार्य करते हैं उन पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। वंदना सिंह, सोनिया दुबे, सुगधा अग्निहोत्री, नरेश कुमारी, कृति मिश्र, दिनेश कुमार शुक्ल मौजूद रहे।