सौरिख। सकरावा रोड स्थित करोड़ों रुपये कीमत की 150 बीघा जमीन के फर्जी बैनामे की भनक से जमीन मालिक ने मामले की शिकायत एडीएम से करते हुए कार्रवाई की मांग की। एडीएम ने जमीन मालिक की शिकायत पर एसडीएम को जांच के आदेश करते हुए उप निबंधक को रोक लगाने के निर्देश दिए।
लखनऊ निवासी इंद्रपाल जाटव, सुरेश चंद्र जाटव ने सकरावा रोड पर वर्ष 1997 के आसपास 150 बीघा जमीन कई लोगों से खरीदकर पिगरी व फिशरीज फार्म खोला था। कुछ सालों बाद यह फार्म बंद हो गया।उसके बाद यह जमीन खाली पड़ी रही। इस दौरान एक बैनामाकर्ता प्रेमदास निवासी बहादुरपुर ने एसडीएम से शिकायत कर खरीदार को सामान्य जाति का बताकर बैनामा निरस्त करने की मांग की। एसडीएम व डीएम न्यायालय ने विक्रेता के पक्ष में फैसला सुनाया तो इंद्रपाल ने अपर आयुक्त न्यायालय कानपुर में 27 मार्च 1997 व 10 जुलाई 1997 को वाद दायर कर दिया कि क्रेता सामान्य जाति का है, इसलिए बैनामा निरस्त किया जाए।
अपर आयुक्त न्यायालय ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर इंद्रपाल व सुरेश के पक्ष में फैसला सुनाया। इस पर प्रेमदास ने चार सितंबर 2002 को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां भी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर इंद्रपाल और सुरेश के पक्ष में फैसला सुनाया गया, लेकिन इस दौरान मामला न्यायालय में होने और विवाद के चलते जमीन राज्य सरकार के अधीन आ गई। एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि एडीएम का आदेश मिला है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।