दो दिन पूर्व कोर्ट से फाइल गायब होने के मामले में पुलिस ने पेशकार, अधिवक्ता समेत तीन लोगों पर गबन, चोरी और षडयंत्र का केस दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद शनिवार को पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।
कोतवाल कमला यादव ने बताया कि दो मार्च को सीजेएम कोर्ट से मारपीट के एक मामले की फाइल गायब हो गई थी। पेशकार वारिश अली सिद्दीकी ने सीजेएम को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें आरोप मढ़ा कि एनसीआर की उस पत्रावली के अधिवक्ता के सी पांडेय और उनके मुव्वकिल रघुपति पांडेय आए और हस्ताक्षर करने व तिथि नोट करने के लिए पत्रावली उनसे मांग कर लिए। कार्य व्यस्तता की वजह से वह तुरंत ध्यान नहीं दे पाए। आरोप था कि दोनों लोग पत्रावली लेकर भाग गए, वापस नहीं किए। दोनो लोगो ने पत्रावली चोरी कर लिया। आगे बताया कि सीजेएम के आदेश के बाद अधिवक्ता के सी पांडेय व रघुपति पांडेय और पेशकार वारिश अली सिद्दीकी के खिलाफ पत्रावली षंडयंत कर गबन व चोरी कर लेने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जबकि अधिवक्ता के सी पांडेय का आरोप था कि इस मामले में आरोपी बनाए गए रघुपति पांडेय उनके मुव्वकिल नहीं है। पेशकार ने झूठा आरोप मढ़ते हुए प्रार्थना पत्र दिया है। फाइल संभालने की जिम्मेदारी पेशकार की होती है। घटना के दिन मामले के चारों आरोपियों की हाजिरीमाफी पड़ी थी। उस मामले में रघुपति पांडये आरोपी नहीं है। जो मुकदमा दर्ज हुआ, उसकी जांच में सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।