संतकबीरनगर। न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की कोर्ट ने मारपीट के मामले में दोषी पाए जाने पर दोषी राम चन्दर, धनंजय, मुसई (दिलीप) को एक वर्ष की अवधि के लिए सदाचार कायम रखने के परिवीक्षा अधिनियम में छोड़ा।
अभियोजन अधिकारी जय सिंह यादव ने बताया कि ग्राम मुड़ाडीहा थाना धनघटा के रहने वाले परिवादी गोपालजी पांडेय 19 दिसंबर 2001 को अपने खेत की जोताई कर रहे थे। उनके गांव के राम चन्दर, धनंजय, मुसई आकर उसके खेत में चढ़कर ट्रैक्टर रोक दिया। आरोपियों ने अपशब्द कहते हुए मारापीटा। जुबानी सूचना पर धनघटा थाने पर एनसीआर कायम हुआ।
न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की कोर्ट में गवाहों की गवाही तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मारपीट के मामले में दोषी पाए जाने पर राम चन्दर, धनंजय, मुसई (दिलीप) को एक वर्ष की परिवीक्षा अधिनियम में सदाचार कायम रखने के लिए शर्तों के अधीन छोड़ा।
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद