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Sant Kabir Nagar News: जिन्हें स्वास्थ्य की है चिंता, वह चक्की में पिसवा रहे मोटा अनाज

Thu, 04 Apr 2024 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- सफेद आटे का स्वाद भले बेहतर हो लेकिन महंगा होने के साथ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अगर आप को स्वस्थ रहना है तो मोटे अनाज का सेवन करना होगा। जागरूक लोग आटा चक्की पर जाकर गेहूं के साथ जौ, बाजरा और मक्के की पिसाई करा रहे हैं। इससे आटा पौष्टिक बन रहा है और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर बन रहा है। चिकित्सक भी मोटे अनाज के सेवन की सलाह दे रहे हैं।
आजकल बाजार में सफेद आटे की भरमार है। इसका स्वाद भले ही बेहतर हो पर यह लोगों की सेहत पर प्रभाव डाल रहा है। इसमें गुणवत्ता की कमी है। शहर में आटा चक्कियों की संख्या करीब 20 है। लोग चक्कियों पर पहुंचकर गेहूं की पिसाई करा रहे हैं। लोग रेडिमेड आटे से बच रहे हैं। आटा पिसाने की भीड़ में आम और खास सभी तरह के लोग शामिल हैं। लोग अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो रहे हैं। लोग आटा चक्की पर गठरी में अनाज लेकर पिसवा रहे हैं। आटे में जौ, मक्का व बाजरा भी मिलवा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार भी मोटे अनाज पर जोर दे रही है। ऐसे में मोटे अनाज लोगों की सेहत के लिए फायदेमंद है।
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खलीलाबाद के गांधीनगर में आटा चक्की चलाने वाले अनूप का कहना है कि चक्की पर ज्यादातर लोग मोटे अनाज को पिसवा रहे हैं। लोग गठरी लेकर आते हैं और पिसवाने के लिए समय भी दे रहे हैं। गेहूं पिसवारकर ले जा रहे हैं जिसमें जौ, बाजरा आदि भी मिलवा रहे हैं। लोग रेडिमेड आटे से बचना चाह रहे हैं।

मोटे अनाज की बढ़ रही डिमांड
दुकानों में मोटे अनाज की डिमांड बढ़ी है। किराना व्यापारी महेश गुप्ता ने बताया कि इस समय पैकेट में जौ, बाजरा और मक्का बिक रहा है। आधा व एक किलो के पैकेट में सामान आ रहा है। जिसकी डिमांड तेजी के साथ बढ़ी है। लोग इसकी खरीदारी कर रहे हैं और उसे रोटी में इस्तेमाल कर रहे हैं। मोटे अनाज वाला आटा सामान्य से दो गुना महंगा है लेकिन लोग पसंद कर रहे हैं। वहीं मेंहदावल बाईपास के पास आटा चक्की चलाने वाले विनोद का कहना है कि चना, जौ, बाजरा व मक्का मिश्रित आटा 65 रुपये किलो है।

गेहूं पिसवा कर ही आटा इस्तेमाल करते हैं। साथ ही बाजरा व मक्का के आटे की रोटी भी सप्ताह में दो दिन जरूर सेवन करते हैं। इससे स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। पैकेट वाले आटे की रोटी काफी सफेद होती है और अच्छी भी नहीं लगती है।
- चंद प्रकाश राय, आजाद चौक

पहले वह भी पैकेट वाले आटे का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब वह गेहूं की खरीदारी कर उसकी पिसाई कराते हैं। उसमें मक्का भी मिलवा लेते हैं। यह रोटी काफी स्वादिस्ट होती है। इससे पेट में कोई गडबड़ी नहीं होती है।
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- दिलीप कुमार, मुखलिसपुर चौराहा

मोटा अनाज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन व मिनरल्स का अच्छा सोर्स भी है। जिससे दिल की बीमारी, डायबिटीज, मोटापा और पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। लोगों को बाजार में मिल रहे आटे से बचना चाहिए। रेडिमेड आटे से पेट की बीमारी अधिक होती है। मोटे अनाज के सेवन की लोग सलाह दे रहे हैं। ऐसे में लोगों को मोटे अनाज के प्रति जागरूक होना होगा। दिनभर में 100-200 ग्राम मोटा अनाज शरीर के लिए पर्याप्त होता है। इसमें ट्रिप्टोफेन नाम का अमीनो एसिड पाया जाता है, जो भूख को कम कर वजन नियंत्रित करने में मदद करता है। आप कोई भी मोटा अनाज खाएं, आपका वजन नहीं बढ़ेगा।
- डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
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