संतकबीरनगर। पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि उनका एक गिरोह है। इसी गिरोह के साथ मिलकर वह चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी की चारपहिया गाड़ियों को लेकर घूमते थे और इन्हीं वाहनों में पशुओं को उठाकर रख लेते थे। अगले बाजार में बेच देते थे, जो भी पैसा मिलता था वह आपस में बांट लेते थे।
पुलिस की पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि गत 25 मई को बेलहरकला बाजार से सड़क के किनारे खड़ी बोलेरो को चुराकर ले गए थे तथा पूर्व में खलीलाबाद सरौली के पास से एक बोलेरो और चोरी किए थे, जिसे आजमगढ़ लेकर चले गये थे।
पिकअप को 1 जुलाई को मऊ से चुराया और उसे लेकर संतकबीरनगर आ गए। यह घटना उन्होंने अपने गैंग के साथी चंदू कुमार, सूरज, अनमोल तथा तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर अंजाम दी थी।
17 मई को मेंहदावल क्षेत्र के कौवाठोर से शहनवाज, जैनुद्दीन, चंदू कुमार, सूरज के साथ बकरियां रात में सड़क से उठाए थे। अनमोल ने बताया कि शहनवाज, जैनुद्दीन तथा अपने अन्य साथियों गोलू लोना, संतोष लोना एंव छोटू लोना साथ मिलकर छोटू के बोलेरो तथा चोरी के वाहनों से जनपद गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, आंबेडकरनगर, अयोध्या, गोण्डा, बलिया, मऊ में घूम घूमकर चोरी, चार पहिया वाहन, बकरी, भैंस आदि की चोरी करते हैं।
इनको बेचकर पैसा आपस में बाट कर अपना जीवीकोपार्जन करते हैं । मऊ से चुराई गई पिअकप को संतकबीरनगर या सिद्धार्थनगर में ले जाकर बेचने की तैयारी थी।