संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई स्तरों पर जांच और सत्यापन की व्यवस्था है। इसके बावजूद समय-समय पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने या नकली पासपोर्ट तैयार करने के मामले सामने आते रहते हैं।
जानकारों के अनुसार, वैध पासपोर्ट को अवैध तरीके से छापना संभव नहीं है, लेकिन जालसाज दस्तावेजों में हेरफेर, पहचान की चोरी करके धोखाधड़ी करते हैं।
फर्जी पासपोर्ट बनाने के लिए अपनाए जाते हैं ये तरीके ः जानकारी के अनुसार, जालसाज सबसे पहले फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज तैयार करते हैं। इनके आधार पर गलत नाम और पते से पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जाता है। कुछ मामलों में पुलिस सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के दौरान बिचौलियों या कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जाती है। इसके अलावा, किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग कर उसकी जानकारी पर अपनी तस्वीर लगाकर आवेदन करने जैसे मामले भी सामने आए हैं। पुराने या खोए हुए पासपोर्ट में फोटो बदलने, पन्नों में छेड़छाड़ करने अथवा नकली दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली दिखाने की कोशिश भी की जाती है।