धर्मसिंहवा। जनपद में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के मकड़जाल में फंसकर इस समय महिलाओं की जिंदगी बदहाल हो चुकी है। धर्मसिंहवा ब्लाॅक क्षेत्र के कई गांवों की महिलाएं इन कंपनियों के जाल में फंसी हुई हैं। कम पढ़ी-लिखी महिलाएं बिना अनुबंधन पत्र की शर्तें जाने हस्ताक्षर कर देती हैं। नतीजा यह होता है कि यह कंपनियां मनमाना ब्याज लेती हैं।
एक महिला ने लोन लेकर पैसा निकालकर अपनी ही एक करीबी महिला को दे दिया। कंपनी वाले किस्त उनसे वसूल रहे हैं। जबकि उनकी करीबी महिला फरार हो चुकी है। समूह बनाकर माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के जरिए गांवों में बांटे जा रहे लोन के चक्कर में महिलाएं अपनी हंसती खेलती जिंदगी को बर्बाद कर रही हैं। कई स्थानों पर देखा गया कि लोन की किस्त को जमा करने के दबाव में आकर आत्मघाती कदम उठाने पर विवश हो रही हैं।
इन कंपनियों के अभिकर्ता द्वारा महिलाओं को पहले बताया जाता है कि वह पांच लोगों के साथ आधार कार्ड व पैन कार्ड लेकर आएं और समूह बना लें। इसके बाद उन्हें आसान किस्तों में लोन दे दिया जाएगा। पैसा पाने की तेजी में कंपनी द्वारा बनाए गए अनुबंध पत्र में क्या लिखा हुआ है, महिलाएं जानने का तनिक सा भी प्रयास नहीं करती हैं, और कंपनी के मकड़जाल में फंस जाती है।