संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। प्रदेश सरकार की तरफ से प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए एक जनपद एक उत्पाद टूलकिट प्रशिक्षण योजना लागू की गई है। इसमें परंपरागत कारीगर पीतल के बर्तन एवं होजरी उत्पाद के आजीविका के साधनों को सुदृढ़ीकरण करते हुए उनके जीवन स्तर को उन्नत किया जाना है। योजनांतर्गत परंपरागत कारीगारों को उद्यम के आधार पर कौशल वृद्धि के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है।
यह जानकारी उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने देते हुए बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी आन लाइन पोर्टल एक जनपद एक उत्पाद टूलकिट प्रशिक्षण योजना का चयन करते हुए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उक्त योजना के संबंध में जानकारी के लिए कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र राजकीय औद्योगिक आस्थान मुखलिसपुर रोड से किसी भी कार्यालय कार्य दिवस में प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र ऑनलाइन करने की अंतिम तिथि 31 मई तक है।