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देहात क्षेत्रों में कम नहीं हुईं दिक्कतें

Sat, 19 Nov 2016 11:15 PM IST
Sant Kabir Nagar
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एक्सिस बैंक के एटीएम के बाहर रकम निकालने के लिए कतार में लगे लोग। - फोटो : अमर उजाला
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11 दिनों से परेशान जनता की उम्मीदें अभी भी परवान नहीं चढ़ीं हैं। नोटबंदी के 11वें दिन भी हालात न सुधरने से एटीएम और बैंकों में कतार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर बैंक कैश की कमी से जूझ रहे रहे हैं, दूसरी ओर एटीएम में रकम डलने के बाद चंद घंटों में रकम खत्म हो जा रही है। चंद बैंकों को छोड़ अधिकांश बैंकों द्वारा दोबारा कैश लोड ही नहीं ‌क‌िया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों का हाल और बुरा है। यहां तो अधिकांश एटीएम के शटर गिरे मिल रहे हैं। 
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शनिवार को भारतीय बैंक संघ(आईबीए) निर्देश पर शनिवार को सिर्फ सीनियर सिटीजन के ही नोट बदले गए, जबकि धन जमा करने और निकासी के कार्य सभी के लिए चलता रहा। भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, एक्सिस बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, पीएनबी, आईसीआईसीआई, बैंक आफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया, यूनियन बैंक सहित अन्य बैंकों पर अन्य दिनों के अपेक्षाकृत काफी कम भीड़ रही। हालांकि एटीएम के बाहर से भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। सुबह से ही लोग कतार में लग जा रहे हैं। यहां जब एटीएम खाली रहता है, तभी सन्नाटा रहा है। 

सांथा प्रतिनिधि के अनुसार, वीरेंद्र पांडेय ,मंगेश कुमार ,आंशू बरनवाल,अबरार अहमद ,राकेश कुमार सिंह ,अभय कुमार शुक्ला आदि लोगो का कहना हैं कि ब्लाक मुख्यालय पर लगे सभी एटीएम पर जा चुके हैं पर किसी भी एटीएम से निकासी नहीं हो रही है। स्थिति यह है कि स्टेट बैंक ,सेंट्रल बैंक ,इलाहाबाद बैंक ,यूनियन बैंकों के एटीएम बंद चल रहे हैं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है ।
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मगहर प्रतिनिधि के अनुसार, नगरपंचायत मगहर स्थित स्टेट बैंक और सिंडिकेट बैंक के सिर्फ दो एटीएम हैं। शनिवार को सिर्फ स्टेट बैंक का एटीएम चालू था जिसमें उपभोक्ताओं की लंबी कतार देर शाम तक लगी रही। ।इस बाबत स्टेट बैंक के प्रबंधक आर पी तिवारी ने बताया कि एटीएम शुक्रवार से ही चालू है। वहीं सिंडिकेट के प्रबंधक मनीष द्विवेदी ने बताया कि एटीएम शुकवार से चलकर शनिवार की सुबह तक चला है फिर पैसे खत्म हो गया।

धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, महुली थाना क्षेत्र में विभिन्न बैंकों की कुल 24 बैंक शाखाएं हैं। नोटबंदी के बाद से ही ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में लेन देन और पुराने नोट बदलने को लेकर लोगों की लंबी लाइने नजर आ रही हैं। शनिवार को पंजाब नेशनल बैंक की नाथनगर शाखा पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन नजर आई। लाइन में खडे लालचंद, राममिलन, अशोक कुमार, श्रीभागवत आदि का कहना है कि खेतों की बुआई के लिए किसी को 10 हजार तो किसी को 20 हजार रुपये की आवश्यकता है लेकिन बैंककर्मी कैश की कमी का हवाला देकर किसी को एक हजार तो किसी को दो हजार पकड़ा रहे हैं। स्टेट बैंक नाथनगर पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लम्बी लाइन लगी रही।

यहां लाइन में खड़ी इंद्रावती देवी, इंद्रेश कुमार, किरन आदि का कहना है कि बैंक में कैश न होने की बात कही गई है। सिर्फ खातों में जमा करने की ही छूट दी गई है। दो दिन पूर्व रुपये निकालने के लिए जिन लोगों ने बिड्राल और पासबुक बैंक में जमा किया था, मात्र उन्हीं लोगों को ही सुबह भुगतान किया गया है। कुछ ऐसे ही हालात महुली स्थित एसबीआई और पीएनबी सिक्टहा में भी देखने को मिल रहा है। इन समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ने लगा है।

डाकघर के खाताधारकों ने डीएम से लगाई गुहार ः  नगर पंचायत हरिहरपुर स्थित पोस्ट आफिस में नोटबंदी के 11 दिन बीत जाने के बाद भी नई करेंसी नहीं पहुंची है, जिससे पोस्ट आफिस के खाता धारक काफी परेशान हैं। पोस्ट आफिस का चक्कर लगाते-लगाते उपभोक्ता आजिज आ गए हैं।  परेशान उपभोक्ताओं ने डीएम से समस्या  के समाधान की गुहार लगाई है। सिराज अहमद, डॉक्टर धर्मेंद्र त्रिपाठी, श्याम कली देवी, अमरजीत मौर्या, मुन्नी बेगम आदि का कहना है कि उनका खाता पोस्ट आफिस  हरिहरपुर में है। उनका कहना है कि जब से एक हजार व पांच सौ का नोट बंद हुआ तब से अब तक पोस्ट आफिस में नई करेंसी नहीं आई। लोग रोज आकर पता करते हैं लेकिन जवाब मिलता है कि पैसा नहीं है कैसे पेमेंट दें । लोगों ने कहा कि  घर का खर्चा व खेती का काम रुका हुआ है। लोगों ने डीएम से मामले को संज्ञान मे लेकर हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में पोस्ट मास्टर सत्यजीत शर्मा का कहना है कि नई करेंसी न आने से पेमेंट का काम नहीं हो पा रहा है केवल पुरानी करेंसी ही जमा हो पा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही नई करेंसी मिल जाएगी। 
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